
देहरादून:(जीशान मलिक)श्री केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच मुनकटिया क्षेत्र में अचानक भूस्खलन होने से मुख्य सड़क मार्ग बंद हो गया। हादसे के बाद करीब 10,450 श्रद्धालु रास्ते में फंस गए। रात, खराब मौसम, लगातार गिरता मलबा और भारी भीड़ के बीच SDRF-NDRF की संयुक्त टीम ने साहसिक रेस्क्यू कर सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला।


DCR रुद्रप्रयाग से 21:16 बजे SDRF को भूस्खलन की सूचना मिली। सूचना पर उपनिरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में SDRF सोनप्रयाग टीम तुरंत रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। SDRF और NDRF ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया।

सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर टीमें यात्रा मार्ग पर संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पहले से तैयार थीं। इसी पूर्व तैयारी और त्वरित रिस्पॉन्स के चलते बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान सफल हो सका।
संयुक्त टीम ने अत्यंत जोखिमपूर्ण हालात में धैर्य और सूझबूझ दिखाते हुए सड़क के दूसरी ओर फंसे 10,450 श्रद्धालुओं को सुरक्षित पार कराया। लगातार बारिश और अंधेरे के बीच जवानों ने यात्रियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
रेस्क्यू पूरा होने के बाद जेसीबी मशीनों से मार्ग पर आया मलबा हटाया गया। इसके बाद सड़क को सुचारु कर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई।SDRF-NDRF के समन्वित राहत कार्य ने चुनौतीपूर्ण हालात में हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित बनाई। आपदा में सुरक्षा बलों की तत्परता, मानवता और सेवा भावना एक बार फिर सामने आई।

