⚡ जब मैदान बना रणभूमि: मालदेवता महाविद्यालय के वार्षिक क्रीड़ा उत्सव का रोमांचक दूसरा दिन!
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मालदेवता का क्रीड़ा मैदान 21 मार्च 2025 को एक अलग ही ऊर्जा से सराबोर था। हवा में जोश, आँखों में जीत का सपना और कदमों में बिजली जैसी फुर्ती—प्रतियोगियों के इरादे बुलंद थे! वार्षिक क्रीड़ा उत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत गोला फेंक प्रतियोगिता से हुई, जिसका उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विनोद प्रकाश अग्रवाल ने किया।
🏆 कौन बना विजेता, किसे मिली चुनौती?
गोला फेंक में बालिका वर्ग में मोनिका ने पहला स्थान हासिल कर सभी को चौंका दिया, वहीं मनीषा और अंशिका सोलंकी ने अपनी प्रतिभा का दमखम दिखाकर क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान पाया। लेकिन बालक वर्ग में मुकाबला और भी कड़ा था—अभिषेक रमोला ने अपनी ताकत और सटीकता से पहला स्थान हथिया लिया, जबकि साहिल और हर्ष पाल ने भी उम्दा प्रदर्शन किया।
⚡ 100 मीटर रेस: एक-एक मिलीसेकंड पर टिकी थी बाज़ी!
जैसे ही स्टार्टिंग पिस्टल दगती, धड़कनें तेज़ हो जातीं! 100 मीटर की इस रोमांचक दौड़ में बालिका वर्ग में मनीषा ने सबको पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा जमाया। मोनिका और अमीषा ने भी शानदार प्रदर्शन कर अपने स्थान सुरक्षित किए। बालकों की रेस में अभिषेक रमोला की रफ्तार ने सबको दंग कर दिया! हर्ष दूसरे और साहित्य एवं अमन संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
🎯 कैरम प्रतियोगिता: दिमागी दंगल!
तेज़ निगाहें, सटीक निशाना और जबरदस्त रणनीति! बालिका युगल में खुशी और मोनिका की जोड़ी ने बाज़ी मार ली, वहीं अर्चिता- अनन्या और आयुषी- अंशिका की टीमों ने भी शानदार खेल दिखाया। बालकों में अभिनव प्रताप सिंह और शौर्य रावत की टीम ने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी टक्कर देते हुए जीत हासिल की।
💪 रस्साकसी: ताकत और टीमवर्क का इम्तिहान!
मंच तैयार था, खिलाड़ी आमने-सामने, रस्सी पर मज़बूत पकड़… और फिर शुरू हुई खींचतान! बालिका वर्ग में टीम बी ने 2-1 से शानदार जीत दर्ज की, जबकि बालकों में अभिनव प्रताप की लीडरशिप में टीम बी ने जीत का परचम लहराया! लेकिन असली रोमांच तब आया जब शिक्षकों ने भी इसमें भाग लिया! महिला शिक्षकों की टीम ने पुरुष शिक्षकों को धूल चटा दी और पूरे मैदान में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी!
🔥 अंतिम पड़ाव: समापन पर सम्मान और गर्व
प्रतियोगिताओं के समापन पर महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. विनोद प्रकाश अग्रवाल ने क्रीड़ा प्रभारी डॉ. शैलेंद्र सिंह और उनकी टीम को इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को उनकी शानदार खेल भावना के लिए सराहा और भविष्य में भी इसी जोश के साथ भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
🏅 इस रोमांचक खेल महोत्सव में केवल जीत-हार ही नहीं, बल्कि जोश, जुनून और एकजुटता की भावना भी विजयी रही! अगले साल कौन बनेगा नया चैंपियन? इंतज़ार रहेगा!


