हरिद्वार:(भगवा सनातन टाइम्स संवाददाता)केंद्र सरकार हिमालयी सुरक्षा के लिए मजबूत पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने एक समग्र बहु-जोखिम पूर्व चेतावनी प्रणाली (Multi-Hazard Early Warning System) विकसित की है, जिसमें प्रेक्षण नेटवर्क, उन्नत पूर्वानुमान मॉडल और GIS आधारित निर्णय समर्थन प्रणाली शामिल है।
इस प्रणाली के तहत, जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत Central Water Commission द्वारा हिमालयी राज्यों में अल्पकालिक बाढ़ पूर्वानुमान जारी किए जाते हैं। इसके अलावा, “FloodWatch India 2.0” और “C-FLOOD” जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राम स्तर तक बाढ़ संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
भूस्खलन की घटनाओं के लिए, Geological Survey of India द्वारा उत्तराखंड सहित विभिन्न हिमालयी राज्यों में मानसून अवधि के दौरान दैनिक भूस्खलन पूर्वानुमान बुलेटिन जारी किए जाते हैं।
केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम हिमालयी राज्यों में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।

