
देहरादून:(जीशान मलिक) जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए एक एएनएम को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। डीएम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मातृ मृत्यु, शिशु मृत्यु और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा बैठक ले रहे थे।बैठक में साल 2026 में प्रसव के दौरान हुई 12 मातृ मृत्यु के मामलों की गहन समीक्षा की गई। इसमें प्रेमनगर निवासी रुखसाना की मृत्यु के मामले में आशा और एएनएम के बयानों में विरोधाभास, आंकड़ों में छेड़छाड़ और गलत तारीख की फोटो पेश करने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए एएनएम के निलंबन के आदेश दिए। चार अन्य मामलों में भी स्पष्ट आख्या तलब की गई है।डीएम ने कहा कि आमजन की जिंदगी से खिलवाड़ किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने 5 साल के आंकड़ों का GIS मैपिंग से विश्लेषण कर अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों को चिन्हित करने और वहां विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।


जिले के स्वास्थ्य संकेतक राज्य और देश से बेहतर हैं। मातृ मृत्यु अनुपात 31.0 है, जबकि राज्य में 99 और देश में 97 है। नवजात शिशु मृत्यु दर 10.4 और शिशु मृत्यु दर 13.8 है, जो राष्ट्रीय लक्ष्य से भी कम है।हालांकि जन्म के समय लिंगानुपात 924.4 चिंता का विषय है, जो राष्ट्रीय लक्ष्य 950 से कम है।

टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में कम जांच पर डीएम ने नाराजगी जताई और जांच का दायरा बढ़ाने व निजी अस्पतालों को जोड़ने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में 5 टीबी चैंपियनों को सम्मानित भी किया गया।

