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29 Aug 2026, Sat

साहब, मेरे सुहाग को बचा लो…” बिलखती रही पत्नी, सोता रहा मंगलौर अस्पताल का सिस्टम

हरिद्वार/मंगलौर:(जीशान मलिक)उत्तराखंड की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बेहद संजीदा और विचलित करने वाली तस्वीर मंगलौर से सामने आई है। यहाँ के सरकारी अस्पताल में घंटों एक गंभीर मरीज इलाज के अभाव में तड़पता रहा, लेकिन अस्पताल प्रबंधन का दिल नहीं पसीजा। अंततः सूचना पाकर मौके पर पहुँचे क्षेत्रीय विधायक काजी निजामुद्दीन ने मानवता दिखाते हुए मरीज को अपनी निजी गाड़ी से रुड़की के अस्पताल में भर्ती कराया।

“धूल फांक रहे स्ट्रेचर, बिलखती रही पत्नी”

घटना के अनुसार, एक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को उपचार के लिए मंगलौर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। मरीज की पत्नी का आरोप है कि घंटों तक न तो किसी डॉक्टर ने सुध ली और न ही किसी स्टाफ ने उसे देखा। बदहाली का आलम यह था कि मरीज के लिए जो स्ट्रेचर लाया गया, वह भी धूल से सना हुआ था। बेबस पत्नी अस्पताल के गेट पर रो-रोकर मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन सिस्टम संवेदनहीन बना रहा।

“विधायक ने संभाला मोर्चा, सिस्टम को घेरा

मौके पर पहुँचे मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन अस्पताल की बदहाली देखकर बिफर पड़े। उन्होंने खुद मरीज को सहारा दिया और अपनी गाड़ी में बैठाकर निजी अस्पताल ले गए। विधायक ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा यह उत्तराखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर है। जब सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर नदारद हों और स्ट्रेचर तक साफ न मिले, तो गरीब जनता कहाँ जाएगी? मजबूरन हमें मरीज की जान बचाने के लिए उसे प्राइवेट अस्पताल ले जाना पड़ा।”

“कार्रवाई की मांग, स्थानीय लोगों में रोष”

इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी है। लोगों ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार डॉक्टर और स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की जाए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में यही स्थिति रही, तो गरीब मरीजों के लिए जान बचाना मुश्किल हो जाएगा।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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