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7 Jun 2026, Sun

लक्सर में सनसनीखेज वारदात: डॉक्टर पर जानलेवा हमला — पुलिस की नाक के नीचे अपराध, क़ानून व्यवस्था पर उठे सवाल

लक्सर में सनसनीखेज वारदात: डॉक्टर पर जानलेवा हमला — पुलिस की नाक के नीचे अपराध, क़ानून व्यवस्था पर उठे सवाल

लक्सर (हरिद्वार) ,भगवा सनातन टाइम्स

मंगलवार तड़के लक्सर के एक निजी अस्पताल में घुसे दो नकाबपोश बदमाशों ने अस्पताल संचालक पर जानलेवा हमला कर पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे — रस्सी, सीढ़ी और अस्पताल की जानकारी लेकर। लेकिन जब उनकी साजिश का सामना डॉक्टर की सजगता और पत्नी की चीखों से हुआ, तो वे बिना कुछ लूटे भाग निकले।

सबसे हैरान करने वाली बात — यह वारदात लक्सर कोतवाली से महज 400 मीटर की दूरी पर हुई।

बदमाशों ने पुलिस के इतने नज़दीक एक प्रसिद्ध अस्पताल को निशाना बनाया, जिससे क़ानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

छत से उतरे, डॉक्टर पर हमला कर भाग निकले

लक्सर-रुड़की रोड पर कोतवाली मोड़ के पास स्थित डॉ. बाबूराम आर्य का अस्पताल मंगलवार तड़के अपराध का गवाह बना। बदमाश नायलॉन की रस्सी और लकड़ी की सीढ़ी के सहारे छत से नीचे उतरे। अंदर अस्पताल संचालक और उनकी पत्नी मौजूद थे।

डॉ. आर्य ने जैसे ही बदमाशों को देखा, पूछताछ की कोशिश की। तभी एक ने उन्हें पकड़ लिया और दूसरे ने भारी वस्तु से सिर पर हमला कर दिया। डॉक्टर लहूलुहान हो गए।

पत्नी के शोर मचाने पर बदमाश घबरा गए और बिना लूटपाट के मौके से फरार हो गए।

CCTV में कैद हुए बदमाश, पुलिस जुटी जांच में

घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस इन्हीं फुटेज के आधार पर जांच में जुट गई है। कोतवाल राजीव रौथाण ने कहा है कि जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

क्या पुलिस को भनक भी नहीं लगी?

सवाल यह है कि क्या एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र डोभाल को इस हाईप्रोफाइल मामले की पूरी जानकारी है?

लक्सर कोतवाली से महज 400 मीटर दूर एक नामी अस्पताल पर हमला, पुलिस की नाक के नीचे सुरक्षा की खुली पोल खोलता है।

स्थानीय लोग पूछ रहे हैं — अगर अपराधी पुलिस स्टेशन के पास ही बेखौफ हमला कर सकते हैं, तो आम जनता कितनी सुरक्षित है?

हमलावरों को अंदरूनी जानकारी?

पुलिस को शक है कि बदमाशों को अस्पताल के बारे में अंदरूनी जानकारी थी। उन्होंने सीधे डिस्पेंसरी की चाबी चुनी — जबकि कीबोर्ड पर कई चाबियां थीं।

इसके अलावा, जब वे पहली मंजिल पर पहुंचे, उसी वक्त इमरजेंसी में एक मरीज आ गया। बदमाश करीब एक घंटे तक एक अंधेरे कोने में छिपे रहे। यह दर्शाता है कि उन्हें अस्पताल के कामकाज की पूरी जानकारी थी।

डॉक्टर की हालत खतरे से बाहर

डॉ. बाबूराम के पुत्र डॉ. विकास आर्य ने बताया कि उनके पिता के सिर में टांके आए हैं, लेकिन अब उनकी हालत स्थिर है। अस्पताल में घटना के बाद से दहशत का माहौल है।

अब पुलिस के सामने कई गंभीर सवाल हैं —

क्या यह हमला महज़ लूट की कोशिश थी या किसी गहरी साजिश का हिस्सा? क्या अंदर से किसी ने मदद की? और सबसे अहम — जब कोतवाली से चंद कदमों की दूरी पर ऐसा हमला हो सकता है, तो बाकी लक्सर कितना सुरक्षित है?

इन सवालों के जवाब अब पुलिस और प्रशासन को देने होंगे — और जल्द।

 

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