रुड़की:(जीशान मलिक)रुड़की वह आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को गोवर्धन पूजा का पर्व बड़े हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया।महिलाओं ने गोबर के गोधन की मूर्ति बनाकर कुटाई करते हुए पारंपरिक गीत गाये। इसे लेकर महिलाओं में काफी उत्साह का माहौल रहा,इस दौरान महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ गोवर्धन भगवान का पूजन किया।
इस त्यौहार को अन्नकूट भी कहा जाता है।आपको बताते चले कि दीपावली के पांच दिवसीय पर्व में शामिल गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व है।इस दिन खासकर महिलाएं पूजा अर्चना करती है।
पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए अपनी कनिष्ठ उंगली पर विशाल गोवर्धन पर्वत उठा लिया था। उन्होंने हजारों जीव-जंतुओं और मनुष्यों को इंद्र देव के क्रोध से बचाया था। श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार को चूर-चूर करते हुए गोवर्धन पर्वत की पूजा की शुरुआत की थी, तभी से यह परंपरा चली आ रही है।

