दिल्ली/राँची।(चीफ एडिटर)आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के अंतर्गत हेल्थ केयर फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) में सभी औषधि विक्रय संस्थानों (थोक/खुदरा) के अनिवार्य पंजीकरण एवं संबंधित विषयों को लेकर 19 जनवरी 2026 को पुराना सिविल सर्जन कार्यालय, राँची में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का आयोजन औषधि निरीक्षक राजीव एक्का, जिला खाद्य एवं औषधि नियंत्रण कार्यालय, राँची (सदर अस्पताल) के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि ABDM के तहत राज्य के सभी सार्वजनिक एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों का हेल्थ केयर फैसिलिटी रजिस्ट्री में पंजीकरण किया जा रहा है।
हेल्थ केयर फैसिलिटी रजिस्ट्री एक राष्ट्रीय स्तर का डिजिटल डाटाबेस है, जिसमें सभी सार्वजनिक व निजी स्वास्थ्य सुविधाओं का विवरण संकलित किया जाता है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और डिजिटल रूप से एकीकृत करना है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के आँकड़ों के अनुसार झारखंड में निजी स्वास्थ्य संस्थानों का एक बड़ा हिस्सा औषधि विक्रय संस्थानों (थोक/खुदरा) का है। ऐसे में किसी भी आपातकालीन स्थिति—जैसे महामारी, युद्ध में घायल लोगों का उपचार या बड़े पैमाने पर दुर्घटनाओं—के दौरान इस डाटाबेस का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।
कार्यशाला को सफल बनाने में राजीव एक्का एवं उनके सहयोगियों के साथ-साथ गणपति सर्जिमेड (नागेन्द्र मिश्रा), जीएफएफ अजय मेडिकल एजेंसी, प्रार्थना एजेंसी, बी.आर. इंटरप्राइजेज, डी.एस. फार्मा सहित लगभग 60–65 दवा विक्रेताओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

