पिरान कलियर:(जीशान मलिक) दरगाह साबिर पाक के 757 वे उर्स की मुख्य रस्म गुस्ल शरीफ के साथ रविवार को दरगाह साबिर पाक के 757 वें उर्स की सभी रस्में संपन्न।इस दौरान मजार शरीफ और दरगाह शरीफ को गुलाब जल व केवड़ा जल से नहलाया गया।इसके साथ ही हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर-ए-पाक की मजार पर अपना सलाम पेश कर अकीदतमंद अपने घर की तरफ लौटने की तैयारी में जुट गए हैं।
रविवार की सुबह 10 बजे रबीउल अव्वल की 14 तारीख को साबिर पाक के मजार-ए-मुकद्दस और पूरी दरगाह को गुलाब जल, केवड़ा जल से नहलाया गया। सज्जादा नशीन शाह मंसूर एजाज साबरी ने गुस्ल शरीफ की रस्म अदा कराई।
दूर दराज से उर्स में पहुंचे सूफियों और जायरीनों ने गुस्ल शरीफ की रस्म में भाग लिया। इस दौरान गुलाब जल की खुशबू से पूरी दरगाह महक उठी। रस्म अदायगी के दौरान सबसे पहले मजार शरीफ में संदल पेश किया गया। इसके बाद गुलाब जल से नहलाया गया।गुस्ल शरीफ का पानी अपने बर्तनों ओर बोतलों में प्रसाद के तौर पर जायरीन घर लेकर जाते हैं।

