दिल्ली:(जीशान मलिक) आज गुरुवार को देशभर में त्याग और समर्पण का पर्व ईद-उल-अज़हा (बकरीद) मनाया जा रहा है। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोग ईदगाहों और मस्जिदों में जुटे। नमाज अदा कर मुल्क की सलामती, अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआएं मांगी गईं। नमाज के बाद एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी जा रही है।नमाज के बाद सुन्नत-ए-इब्राहिमी की पैरवी करते हुए कुर्बानी की परंपरा निभाई जा रही है। आज 28 मई के अलावा 29 और 30 मई को भी कुर्बानी दी जाएगी। इस्लामिक कैलेंडर के ज़ुल-हिज्जा महीने की 10वीं तारीख को मनाई जाने वाली बकरीद, अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इसी दिन मक्का में हज यात्रा का भी समापन होता है।
“ईद-उल-अज़हा की 8 अहम बातें”
1. नमाज से शुरुआत: सुबह ईदगाहों में खास नमाज अदा की जाती है।
2. तकबीर: नमाज से पहले “अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर” की सदाएं गूंजती हैं।
3. कुर्बानी: हजरत इब्राहीम की सुन्नत पर बकरे या अन्य हलाल जानवर की कुर्बानी।
4. 3 हिस्से:कुर्बानी के गोश्त को 3 हिस्सों में बांटा जाता है — एक गरीबों के लिए, एक रिश्तेदारों के लिए, एक अपने लिए।
5. साफ-सफाई: कुर्बानी के बाद साफ-सफाई का खास ख्याल रखा जाता है।
6. पाकीजा लिबास: लोग नए या साफ कपड़े पहनकर नमाज पढ़ते हैं।
7. सदका-खैरात:गरीबों-जरूरतमंदों की मदद की जाती है।
8. हज का समापन: आज ही मक्का में हज का आखिरी दिन होता है।

