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17 Sep 2026, Thu

अवैध संयुक्त कर्मचारी संघ के विरोध में बीकेटीसी कर्मचारी संघ का मुख्य सचिव को पत्र, मुख्य कार्याधिकारी की कार्यप्रणाली की सराहना

अवैध संयुक्त कर्मचारी संघ के विरोध में बीकेटीसी कर्मचारी संघ का मुख्य सचिव को पत्र, मुख्य कार्याधिकारी की कार्यप्रणाली की सराहना

देहरादून/ऋषिकेश/गोपेश्वर/रुद्रप्रयाग, 17 अप्रैल –

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघ ने अस्थायी कर्मचारियों के नाम पर प्रचारित हो रहे तथाकथित संयुक्त कर्मचारी संघ को गैर मान्यता प्राप्त और अवैध करार देते हुए मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल के खिलाफ की जा रही बयानबाजी को एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया गया है।

कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को भेजे गए पत्र में मंदिर समिति की मौजूदा स्थिति से अवगत कराते हुए कहा है कि वर्तमान में मंदिर समिति का गठन नहीं हुआ है और न ही प्रशासक की नियुक्ति की गई है, ऐसे में मंदिरों की समस्त प्रशासनिक एवं वित्तीय जिम्मेदारी मुख्य कार्याधिकारी के पास है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर अधिनियम 1939 के अनुसार, सभी निर्णय उनकी अनुमति से ही प्रभावी माने जाते हैं।

संघ ने स्पष्ट किया कि केवल बीकेटीसी कर्मचारी संघ को ही 24 दिसंबर 2021 के शासनादेश द्वारा मान्यता प्राप्त है और वह ही कर्मचारियों के हित में कार्य करने के लिए अधिकृत है। तथाकथित संयुक्त कर्मचारी संघ का कोई वैधानिक अस्तित्व नहीं है और उसकी गतिविधियां मंदिर समिति की छवि धूमिल कर रही हैं।

मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कर्मचारी संघ ने बताया कि उनके नेतृत्व में कर्मचारियों को सेवागत लाभ, एसीपी, पदोन्नति, वेतन विसंगति और नियमितीकरण जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। तीर्थ पुरोहितों और पण्डा समाज ने भी मंदिर हित में उनकी कार्यप्रणाली का समर्थन किया है।

संघ ने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी तत्वों द्वारा संयुक्त कर्मचारी संघ के नाम पर मंदिर समिति में भ्रम फैलाया जा रहा है। पूर्व में भी ऐसे लोगों द्वारा प्रदर्शन और झूठे पत्राचार के माध्यम से मुख्य कार्याधिकारी के कार्यों को बाधित करने की कोशिश की गई थी। हाल ही में जब श्री बदरीनाथ और श्री केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया चल रही है, तब इस तरह की गतिविधियां यात्रा तैयारियों में बाधा डाल रही हैं।

अंत में मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया है कि ऐसे गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों द्वारा भेजे गए पत्रों को गंभीरता से न लिया जाए और उनके खिलाफ विभागीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि धामों की गरिमा और मंदिर समिति की प्रतिष्ठा को बनाए रखा जा सके।

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