अभियोजन अधिकारी की प्रबल दलीलों के कारण अर्जेंटीना की पीड़िता को न्याय मिला
टिहरी गढ़वाल ,भगवा सनातन टाइम्स
तीर्थनगरी ऋषिकेश के तपोवन क्षेत्र में वर्ष 2020 में एक विदेशी महिला के साथ होटल के कमरे में हुए यौन उत्पीड़न के मामले में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट नरेंद्रनगर श्रेय गुप्ता ने अभियुक्त निखिल अरोड़ा को दोषी मानते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 15 मई 2021 को मुनि की रेती थाने में दर्ज हुआ था जिसमें पुलिस ने जांच कर दिनांक 18-08-2021 को आरोप पत्र दाखिल किया जिस पर न्यायालय ने दिनांक 15-06-2022 को आरोप तय कर अभियोजन पक्ष को साक्ष्य हेतु तारीख दी अभियोजन अधिकारी ने सरकार की ओर से हर तारीख पर अपनी दलीले दी व सभी महत्पूर्ण साक्ष्य न्यायालय में दाखिल कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता का पक्ष व गवाहों का पक्ष रखा अभियुक्त के अधिवक्ता एम.एम कांसवाल ने सभी कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेते हुए अभियुक्त को निर्दोष साबित करवाने की काफी कोशिश की गई लेकिन अभियोजन अधिकारी अनुराग वरुण की मजबूत पैरवी व महिला उप निरक्षक हिमानी पंवार द्वारा निष्पक्ष जांच के चलते पीड़िता को न्याय मिलना संभव हुआ।
पीड़िता अर्जेंटीना की नागरिक हैं, जो ई-टूरिस्ट वीज़ा पर फरवरी 2020 से ऋषिकेश में रह रही थीं। पीड़िता ने शिकायत में बताया था कि 24 नवंबर 2020 को निखिल अरोड़ा ने एक होटल में पार्टी के बाद उन्हें अपने कमरे में आराम करने को कहा और फिर रात में उनके साथ शारीरिक शोषण व यौन उत्पीड़न किया।
पीड़िता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी भी प्रकार की शारीरिक निकटता की अनुमति नहीं दी थी। इस घटना के बाद पीड़िता भयभीत हो गई थीं और अपने देश लौट गईं। घटना की गंभीरता को देखते हुए अभियोजन पक्ष द्वारा कुल आठ गवाहों को प्रस्तुत किया गया, जिसमें पीड़िता की गवाही सबसे महत्वपूर्ण रही।
राज्य की ओर से मजबूत पैरवी कर रहे सहायक अभियोजन अधिकारी अनुराग वरुण ने पीड़िता से फोन के माध्यम से संपर्क कर पीड़िता को भारतीय न्याय प्रणाली पर भरोसा दिलाया, जिसके बाद वह विशेष रूप से भारत आकर दिनांक 20 जुलाई 2024 को न्यायालय में बयान दर्ज कराया।
न्यायालय ने अभियोजन व बचाव पक्ष को पूरा अवसर देते हुए विस्तृत सुनवाई कर दिनांक 04-07-2025 को फैसला सुनाया जिसमें अदालत ने अभियुक्त निखिल अरोड़ा को दोषी पाते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया अर्जेंटीना की महिला नागरिक ने भारत की न्याय प्रणाली, अभियोजन अधिकारी व पुलिस विभाग टीम की सराहना की।

