अब केदारनाथ और हेमकुंड साहिब जाना हुआ आसान! बस कुछ घंटों में पहुंचे बिना थकान – जानें कैसे?
ऋषिकेश, 05 मार्च2025 (मनन ढींगरा)
उत्तराखंड के तीर्थयात्रियों के लिए एक बड़ी खबर! वर्षों से दुर्गम पहाड़ियों और कठिन चढ़ाई से जूझते श्रद्धालु अब केदारनाथ और हेमकुंड साहिब तक पहुंचने के लिए तैयार हो जाएं, क्योंकि कुछ ऐसा होने जा रहा है जो इस सफर को पूरी तरह बदल देगा।
कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए बहुप्रतीक्षित रोपवे परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक वरदान साबित होने जा रही है!
क्या होगा खास इस रोपवे में?
राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम की पर्वतमाला परियोजना के तहत सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किलोमीटर लंबा रोपवे बनने जा रहा है, जिसकी लागत 4,081.28 करोड़ रुपये होगी। वहीं, 2730 करोड़ रुपये की लागत से गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक 12.4 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना को भी हरी झंडी मिल गई है।
अब 7 घंटे का सफर कुछ ही मिनटों में!
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि अब वह समय बीत चुका जब श्रद्धालुओं को केदारनाथ पहुंचने के लिए घंटों तक कठिन पहाड़ों की चढ़ाई करनी पड़ती थी। जहां पहले इस यात्रा में 7 से 8 घंटे लगते थे, अब श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के सीधे केदारनाथ पहुंच सकेंगे।
तीन दिन का सफर होगा चंद घंटों में पूरा!
हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी यह एक चमत्कार से कम नहीं होगा। जहां पहले इस यात्रा में तीन दिन लगते थे, अब यह सफर कुछ घंटों में ही पूरा हो जाएगा। हर उम्र के लोग, चाहे बुजुर्ग हों या बच्चे, अब आसानी से इन पवित्र स्थलों के दर्शन कर सकेंगे।
आने वाला है बदलाव, जो बदल देगा उत्तराखंड की आर्थिकी!
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह रोपवे परियोजना सिर्फ तीर्थयात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक नया युग लेकर आएगी। पर्यावरण के अनुकूल, आरामदायक और तेज कनेक्टिविटी देने वाली यह परियोजना समय की बचत के साथ-साथ पर्यटन को भी नया आयाम देगी।
अब बस इंतजार है इस ऐतिहासिक परियोजना के पूरा होने का, जो उत्तराखंड की तीर्थयात्रा को हमेशा के लिए बदल देगी!
