अंधेरे का अंत! ऋषिकेश की 16 ग्रामसभाओं में 400 सोलर लाइट्स से जगमगाहट की तैयारी
मनन ढींगरा,ऋषिकेश
एक लंबे इंतजार के बाद, ऋषिकेश की 16 ग्रामसभाओं में आखिरकार अंधेरे का साम्राज्य खत्म होने वाला है। लेकिन यह सिर्फ एक साधारण घोषणा नहीं थी, बल्कि एक ऐसा वादा था, जिसने गांववासियों की आंखों में उम्मीद की नई किरण जगा दी।
शनिवार को बैराज रोड स्थित कैंप कार्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां क्षेत्रीय विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने टीएचडीसी के सीएसआर फंड से 400 सोलर लाइट्स देने का ऐलान किया। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल था—अंधेरे से जूझते गांवों में सबसे पहले रोशनी कहां पहुंचेगी?
सबसे पहले कहां जलेगी रोशनी?
सभा में डॉ. अग्रवाल ने खुलासा किया कि 50 लाइटें हरिपुरकलां और 50 लाइटें भट्टोवाला में लगाई जाएंगी, जबकि बाकी 300 लाइटें अन्य ग्रामसभाओं में वितरित की जाएंगी। लेकिन क्या यह हर अंधेरे को मिटाने के लिए पर्याप्त होगा?
अंधेरा जहां सबसे गहरा, वहीं पहली रोशनी!
कार्यक्रम में विधायक ने स्पष्ट किया कि जहां अंधेरा सबसे ज्यादा होगा, वहीं पहले लाइट लगाई जाएगी। यह सिर्फ रोशनी की बात नहीं थी, बल्कि रात के खतरों से सुरक्षा का भी एक बड़ा कदम था। जंगली जानवरों की हलचल पर नजर रखना आसान होगा और रात्रि में आवागमन भी सुरक्षित हो जाएगा।
राजनीतिक मंच या जनता के लिए नया सवेरा?
इस ऐलान के पीछे सिर्फ विकास की सोच है या फिर इसके राजनीतिक मायने भी हैं? यह तो वक्त ही बताएगा। लेकिन जब हर गांव की गलियां सोलर लाइट की रोशनी से जगमगाने लगेंगी, तो क्या अंधेरा सच में खत्म हो जाएगा या फिर कुछ सवाल अभी भी अनसुलझे रह जाएंगे?
कार्यक्रम में श्यामपुर मंडल अध्यक्ष चंद्रमोहन पोखरियाल, सोबन सिंह कैंतुरा, भगवान सिंह मेहर, दिव्या बेलवाल, गीतांजलि जखमोला, अंजना चौहान सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। अब बस इंतजार है उस घड़ी का, जब यह वादा हकीकत में बदलेगा—जब रात का अंधेरा सच में डराना बंद कर देगा!

