Rishikesh में होली की धूम: भजनों, नृत्य और फूलों की होली से सजा रंगीन महोत्सव!
ऋषिकेश, मनन ढींगरा
11 मार्च—एक शाम, जो संगीत, भक्ति और उल्लास के रंगों में सराबोर हो गई। राष्ट्रीय बचत अभिकर्ता संगठन के होली मिलन कार्यक्रम में ऐसा समां बंधा कि हर दिल झूम उठा।
होटल ऋषिकेश हाई के भव्य हॉल में जैसे ही दीप प्रज्वलित हुआ, माहौल में एक अलौकिक ऊर्जा भर गई। कात्यायनी मंदिर के संस्थापक गुरविंदर सलूजा, समाजसेवी सिमरन अरोड़ा और पार्षद आशु डंग के शुभ हाथों से कार्यक्रम का आगाज हुआ, और फिर शुरू हुआ एक ऐसा सफर जो संगीत और भक्ति के रंगों में हर किसी को डुबो देने वाला था।
जैसे ही भजन गायक विजेंद्र वर्मा ने “गंगा तेरा पानी अमृत” का सुर छेड़ा, पूरा हॉल मंत्रमुग्ध हो गया। फिर “रंग बरसे भीगे चुनरवाली” और “होली खेले रघुवीरा अवध में” की धुनों ने हर किसी के कदम थिरकने पर मजबूर कर दिए।
लेकिन असली रोमांच तब बढ़ा, जब रवि शिवा नटराज आर्ट ग्रुप के कलाकारों ने मंच संभाला। “श्याम चूड़ी बेचने आया” और “माखन चोर” जैसी झांकियों के साथ, ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं राधा-कृष्ण इस धरती पर उतर आए हों। जैसे ही फूलों की होली शुरू हुई, पूरा हॉल रंगों की बारिश में डूब गया। लोग खुशी से झूमने लगे, और हर तरफ बस उल्लास का सैलाब उमड़ पड़ा।
नवनिर्वाचित पार्षद आशु डंग ने जहां मिलन और भाईचारे की होली मनाने का संदेश दिया, वहीं समाजसेवी सिमरन अरोड़ा ने त्योहार के रंगों में छिपे एकता के महत्व को उजागर किया। गुरविंदर सलूजा ने सबको गले लगाकर, आपसी मतभेदों को भुलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में, समाजसेवा, कला और भक्ति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सम्मानित हुए। जब मंच पर रवि शिवा नटराज आर्ट ग्रुप, विजेंद्र वर्मा, पंडित पवन गोदियाल और गोपाल भटनागर को सम्मानित किया गया, तो तालियों की गूंज से पूरा हॉल गूंज उठा।
फिर आया वो क्षण, जिसका इंतजार हर कोई कर रहा था—अभिकर्ताओं ने होली के गीतों पर नृत्य करते हुए इस रंगीन शाम को यादगार बना दिया। चंदन और फूलों की होली खेली गई, और ऋषिकेश ने इस रात को हमेशा के लिए अपने दिल में कैद कर लिया।
इस कार्यक्रम में शहर के गणमान्य व्यक्ति, डाकघर अधिकारी, और सैकड़ों लोगों ने अपनी उपस्थिति से इसे ऐतिहासिक बना दिया। यह होली मिलन न केवल रंगों का त्योहार बना, बल्कि दिलों को जोड़ने वाली एक अविस्मरणीय शाम भी साबित हुआ।

