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21 Apr 2026, Tue

Mahakumbh 2025 पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ जल आपूर्ति के लिए प्लास्टिक मुक्त पेयजल व्यवस्था

प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध और स्वच्छ पेयजल की व्‍यवस्‍था की गई है। मेले क्षेत्र में कुल 233 जल एटीएम लगाए गए हैं, जो 24 घंटे निर्बाध रूप से संचालित हो रहे हैं। इन जल एटीएम के माध्यम से श्रद्धालुओं को रोजाना शुद्ध आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 21 जनवरी 2025 से 1 फरवरी 2025 के बीच 40 लाख से अधिक श्रद्धालु इन जल एटीएम का लाभ उठा चुके हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इन जल एटीएम से मुफ्त में पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। प्रारंभ में यह सेवा ₹1 प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध थी, जहां श्रद्धालु सिक्के डालकर या यूपीआई स्कैनिंग के माध्यम से आरओ जल प्राप्त कर सकते थे। हालांकि, अब यह सेवा पूरी तरह से निःशुल्क कर दी गई है, जिससे श्रद्धालुओं को बिना किसी कठिनाई के स्वच्छ जल सुलभ हो सके। प्रत्येक जल एटीएम पर एक ऑपरेटर तैनात किया गया है, जो यह सुनिश्चित करता है कि श्रद्धालु बटन दबाते ही शुद्ध पानी प्राप्त कर सकें। इससे जल वितरण में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

आधुनिक तकनीक से लैस जल एटीएम

महाकुंभ में स्थापित जल एटीएम अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पूरी तरह स्वचालित और सुचारू बनी रहती है। इन मशीनों में सेंसर आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है, जो किसी भी तकनीकी खराबी को तुरंत पहचान लेता है। यदि कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न होती है, तो जल निगम के तकनीशियन तुरंत उसे ठीक कर देते हैं, जिससे श्रद्धालुओं को जल आपूर्ति में कोई परेशानी न हो।

महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रत्येक जल एटीएम प्रतिदिन 12,000 से 15,000 लीटर आरओ पानी वितरित कर रहा है। सभी जल एटीएम को सिम-आधारित तकनीक से जोड़ा गया है, जिससे वे प्रशासन के केंद्रीय नेटवर्क से जुड़े रहते हैं। यह तकनीक कुल जल खपत, जल स्तर प्रबंधन, जल गुणवत्ता और वितरण मात्रा की निरंतर निगरानी करने में सहायक होती है। जब भी कोई श्रद्धालु जल एटीएम का उपयोग करता है, तो उसे एक लीटर शुद्ध पानी प्राप्त होता है, जिसे वह अपने पात्र में भर सकता है।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम

पिछले कुंभ आयोजनों में संगम और अन्य घाटों के आसपास प्लास्टिक बोतलों और कचरे की समस्या गंभीर हो गई थी। इस बार प्रशासन ने न केवल स्वच्छ जल आपूर्ति की व्यवस्था की है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया है। प्लास्टिक कचरे को रोकने के लिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपने पात्र साथ लाने की अपील की है और कई स्थानों पर पुन: प्रयोज्य पानी की बोतलें भी वितरित की जा रही हैं।

जल एटीएम की सतत निगरानी और भविष्य की योजनाएं

महाकुंभ प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि पूरे आयोजन के दौरान जल एटीएम बिना किसी बाधा के संचालित होते रहें। किसी भी समस्या के समाधान के लिए विशेष तकनीकी टीमों का गठन किया गया है, जो जल एटीएम की नियमित निगरानी करती हैं। इसके अलावा, प्रशासन भविष्य में होने वाले कुंभ और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी इसी तरह की जल आपूर्ति व्यवस्था लागू करने की योजना बना रहा है।

इस पहल ने महाकुंभ 2025 को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बना दिया है, जिससे यह एक ऐतिहासिक और अनुकरणीय आयोजन के रूप में स्थापित हुआ है।

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