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30 Jul 2026, Thu

Haridwar: 20 साल पुराने संपत्ति विवाद में मालिक को मिला न्याय, कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने दिलाया कब्जा

Haridwar: रानीपुर मोड़ चंद्राचार्य चौक के पास स्थित एक संपत्ति को लेकर पिछले 20 वर्षों से चला आ रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद, कोर्ट ने संपत्ति स्वामी के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके तहत प्रशासन ने 11 फरवरी 2025 को संपत्ति का कब्जा दिलवाया। अमीन सुमंत कश्यप और पुलिस अधिकारी रविंद्र जोशी की मौजूदगी में वैभव सिसोदिया को संपत्ति की चाबी सौंपी गई।

क्या है मामला? 

बताया जा रहा है कि संपत्ति को पहले किराए पर दिया गया था, लेकिन किरायेदार ने बाद में इसे खाली करने से इनकार कर दिया। मकान मालिक प्रभा रानी और उनके पति राजेंद्र सिसोदिया ने न्याय के लिए अदालत का रुख किया और वर्ष 2019 में कोर्ट ने उनके पक्ष में निर्णय सुनाया।

हालांकि, मुख्य सड़क पर बनी दुकान खाली नहीं हो पाई और मामला चलता रहा। आखिरकार, 2025 में न्यायालय ने अंतिम फैसला सुनाते हुए संपत्ति मालिक को हक दिलाने का आदेश दिया।

संघर्ष और न्याय की जीत

प्रभा रानी ने अपने मेहनत के पैसों से यह प्लॉट खरीदा था, जहां उन्होंने पहले चेतक मॉडर्न स्कूल संचालित किया। बाद में, व्यस्तता के कारण स्कूल बंद करना पड़ा और संपत्ति को किरायेदारों को सौंप दिया गया। लेकिन कुछ किरायेदारों ने कब्जा जमा लिया और संपत्ति खाली करने से इनकार कर दिया

कई सालों तक चले कानूनी संघर्ष के बाद, राममती और लच्छीराम नामक किरायेदारों को प्लॉट के एक हिस्से को खाली करने का आदेश मिला, जिसे उन्होंने मान लिया। लेकिन मुख्य दुकान का मामला 2019 तक चला और अब 2025 में जाकर फैसला पूरी तरह मालिक के पक्ष में आया।

प्रशासन की कार्रवाई और प्रतिक्रिया

अंततः, 11 फरवरी 2025 की शाम को प्रशासनिक कार्रवाई के तहत वैभव सिसोदिया को संपत्ति की चाबी सौंप दी गई। इस मौके पर उन्होंने कहा,यह न्यायपालिका की सच्ची जीत है। हमें अपने न्यायिक तंत्र पर पूरा विश्वास था, और आज यह साबित भी हो गया।

इस मामले ने हरिद्वार में कानून व्यवस्था और न्यायपालिका की निष्पक्षता को एक बार फिर साबित किया है।

 

 

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