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5 Jun 2026, Fri

CBSE दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न, मूल्यांकन सुधार पर शिक्षकों को मिला विशेष प्रशिक्षण

हरिद्वार:(चीफ एडिटर) केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के उत्कृष्टता केंद्र, देहरादून द्वारा 13 एवं 14 फरवरी 2026 को “मूल्यांकन एवं आकलन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने” विषय पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला की मेजबानी Delhi Public School, Ranipur ने की। जिसमें विभिन्न सीबीएसई विद्यालयों से आए शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में रमनीत स्वरूप (प्रधानाचार्य, भारतीय अकादमी रुड़की) एवं सरबजीत सिंह (वरिष्ठ शिक्षा विशेषज्ञ, द वेस्टमिंस्टर स्कूल, दुबई) उपस्थित रहीं।

प्रतिभागी विद्यालयों में बीएमएल मुंजाल ग्रीन मीडोज बहादराबाद, सेंट जेवियर्स स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल नं. 1 रुड़की, मॉन्टफोर्ट स्कूल रुड़की, विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल रानीपुर, शिव नेशनल पब्लिक स्कूल, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल पानीपत, दून वैली स्कूल पांवटा साहिब, डीपीएस रानीपुर तथा सेंट मैरीज हरिद्वार के शिक्षक शामिल रहे।

“प्रथम दिवस: मूल्यांकन सुधार पर विशेष फोकस…

प्रथम सत्र में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि मूल्यांकन एवं आकलन को सुदृढ़ करना शिक्षा प्रणाली से जुड़े सभी वर्गों की सामूहिक जिम्मेदारी है। विशेषज्ञों ने सीबीएसई की मूल्यांकन सुधार प्रक्रिया के विकास क्रम को स्पष्ट किया तथा प्रभावी ब्लूप्रिंट तैयार करने के व्यावहारिक उपाय बताए।

पोर्टफोलियो निर्माण, शैक्षणिक प्रासंगिकता, मूल्यांकन मानकों एवं रूब्रिक्स के उपयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। संरचित, दक्षता-आधारित एवं शिक्षार्थी-केंद्रित मूल्यांकन पद्धतियों की ओर बढ़ते परिवर्तन पर विशेष बल दिया गया।

प्रतिभागियों ने कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 2026 के संचालन एवं डिजिटल मूल्यांकन विषय पर आयोजित ऑनलाइन सीबीएसई वेबिनार में भी भाग लिया।जिससे परीक्षा प्रक्रियाओं के संबंध में स्पष्ट जानकारी प्राप्त हुई।

“द्वितीय दिवस: व्यावहारिक अभ्यास और नवाचार…

दूसरे दिन की शुरुआत संगीत-आधारित समन्वय गतिविधि से हुई, जिससे वातावरण ऊर्जावान बना। सत्रों में आकलन और मूल्यांकन के बीच अंतर, ब्लूम्स टैक्सोनॉमी का व्यावहारिक उपयोग, स्टैंडर्ड एवं बेसिक गणित, कौशल एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा का समावेशन, कला एकीकरण तथा पोजिशनल ग्रेडिंग प्रणाली जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से रूब्रिक्स एवं ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के अनुरूप प्रश्नपत्र तैयार कर सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक अभ्यास में परिवर्तित किया।

कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सीबीएसई सीओई देहरादून एवं दिल्ली पब्लिक स्कूल रानीपुर का आभार व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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