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6 Jun 2026, Sat

Cannabis (भांग) से बनेगा भविष्य!

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Cannabis (भांग) से बनेगा भविष्य!

Cannabis (भांग) से बनेगा भविष्य! हरिद्वार में खुला रोजगार और सेहत का नया रास्ता!

हरिद्वार, 24 फरवरी 2025 – जिला मुख्यालय विकास भवन के सभागार में गोहेम्प एग्रोवेंचर्स द्वारा ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना एवं एनआरएलएम के तहत हेम्प (भांग) पर जागरूकता, उसके दुरुपयोग की रोकथाम और इसे आजीविका के साधन के रूप में अपनाने को लेकर एक कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत  ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

हेम्प: बहुउपयोगी पौधा

कार्यशाला को संबोधित करते हुए सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हेम्प की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पौधा रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि हेम्प के विभिन्न भागों का अलग-अलग उपयोग होता है—

  • पत्तियाँ आयुर्वेदिक दवाओं में
  • बीज चटनी व तेल के लिए
  • रेशे कपड़ा और रस्सी निर्माण में
  • लकड़ी भवन निर्माण में
  • अन्य उत्पाद कागज, बायोप्लास्टिक, इंसुलेशन और बायोडीजल आदि

उन्होंने बताया कि हेम्प से 500 से अधिक प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं और इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयाँ भी बनाई जा सकती हैं। सांसद ने पीपल, बरगद और नीम जैसे वृक्षों के महत्व पर भी जोर देते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण की अपील की। उन्होंने हेम्प कलेक्शन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सात महिलाओं को सम्मानित किया और हेम्प से बने उत्पादों का अवलोकन कर उनकी सराहना की।

महिला सशक्तिकरण और रोजगार का माध्यम

मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने गोहेम्प स्टार्टअप के कार्यों की सराहना करते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत महिलाओं को हेम्प आधारित उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण और विपणन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ सामाजिक स्तर में भी वृद्धि हो रही है।

उन्होंने बताया कि हेम्प से बने उत्पाद पर्यावरण-अनुकूल (ईको-फ्रेंडली) होते हैं, जो प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने और प्रदूषण को कम करने में सहायक हैं। हेम्प उत्पादों के उपयोग से वनों की कटाई कम होगी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा मिलेगा।

गोहेम्प एग्रोवेंचर्स की पहल

गोहेम्प एग्रोवेंचर्स के संस्थापक गौरव दीक्षित और नम्रता कंडवाल ने बताया कि अथर्ववेद में भांग को धरती के पाँच सबसे महत्वपूर्ण पौधों में से एक माना गया है। उत्तराखंड भारत का पहला राज्य है जहाँ इसे वैध रूप से उगाने का लाइसेंस लिया जा सकता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं।

उन्होंने बताया कि गोहेम्प ने प्राचीन भारतीय हेम्प भवन निर्माण तकनीक को पुनर्जीवित किया है, जिसके लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज में सम्मानित किया जा चुका है।

कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

कार्यक्रम का सफल संचालन ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना द्वारा किया गया। इस अवसर पर रानीपुर विधायक आदेश चौहान, जिलाध्यक्ष संदीप गोयल, पूर्व विधायक मुकेश कोली, परियोजना निदेशक डीआरडीए के.एन. तिवारी, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, बीडीओ बहादराबाद मानस मित्तल, बीडीओ रूड़की सुमन कुटियाल, जिला मिशन प्रबंधक नलिनीत घिल्डियाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं हेम्प आधारित रोजगार से जुड़ी महिलाएँ उपस्थित रहीं।

हरिद्वार जिले में हरित अर्थव्यवस्था की ओर कदम

मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे ने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन इस पहल को सफल बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा, ताकि हरिद्वार जिले में स्थायी विकास और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा सके।

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