Bhel हरिद्वार के निदेशक टी. एस. मुरली की विदाई में हुआ कुछ ऐसा, जिसे कोई नहीं भूल पाएगा!
हरिद्वार, 24 फरवरी: बीएचईएल हरिद्वार के सम्मेलन केंद्र में आज एक ऐसा आयोजन हुआ, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर दीं। इस समारोह में भावनाओं का सैलाब उमड़ा, तालियों की गूंज देर तक सुनाई देती रही, और एक शख्स की मेहनत और समर्पण को पूरे संस्थान ने सलाम किया। आखिर ऐसा क्या हुआ इस विदाई समारोह में? आइए जानते हैं पूरी कहानी।
दरअसल, यह मौका था बीएचईएल हरिद्वार के कार्यपालक निदेशक टी. एस. मुरली की सेवानिवृत्ति का। उनके योगदान को याद करते हुए, हरिद्वार प्रभाग ने उन्हें ऐसी भावभीनी विदाई दी, जिसकी मिसाल कम ही देखने को मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान जब टी. एस. मुरली ने मंच से अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए, तो सभागार में मौजूद लोगों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। उन्होंने कहा कि बीएचईएल हरिद्वार सिर्फ एक कार्यस्थल नहीं, बल्कि उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है। उनके शब्दों ने वहां मौजूद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भावुक कर दिया।
लेकिन असली सरप्राइज़ तब आया जब नवनियुक्त महाप्रबंधक एवं प्रमुख (एचईईपी एवं सीएफएफपी) रंजन कुमार ने मंच संभाला। उन्होंने न केवल टी. एस. मुरली की कार्यशैली और उपलब्धियों की सराहना की, बल्कि एक खास तोहफा भी पेश किया, जिसे देखकर मुरली खुद भी चौंक गए!
इसके बाद, समारोह में एक और महत्वपूर्ण पल आया—जब सभी महाप्रबंधकों, वरिष्ठ अधिकारियों, यूनियन, एसोसिएशन एवं फेडरेशन के पदाधिकारियों ने मुरली को माला पहनाकर सम्मानित किया। उनके सम्मान में इतनी तालियां बजीं कि पूरा सभागार गूंज उठा।
कार्यक्रम के बाद, एक अनोखी परंपरा निभाई गई। बीएचईएल हरिद्वार के अधिकारी और कर्मचारी टी. एस. मुरली एवं बीएचईएल लेडीज क्लब की संरक्षिका टी. सौम्या को उनके निवास स्थान बीएचईएल हाउस तक छोड़ने गए। यह दृश्य देखकर हर किसी का दिल भर आया।
अंत में, टी. एस. मुरली ने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा, “यह प्यार और सम्मान मेरी सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे मैं हमेशा संजोकर रखूंगा।”
इस तरह, बीएचईएल हरिद्वार ने अपने प्रिय निदेशक को ऐसी विदाई दी, जिसे कोई कभी भूल नहीं पाएगा!


