पिरान कलिय:(ज़ीशान मलिक)थाना पिरान कलियर एक शांत रात… पूरा गांव गहरी नींद में डूबा था, लेकिन अचानक चीख-पुकार और धमाकों की आवाज़ों से सन्नाटा टूट गया। लाठियों की गूंज, शीशों के टूटने की खनक और लोगों की दहशत भरी चीखें पूरे इलाके में गूंज उठीं।
महमूदपुर गांव की नैय्यर प्रवीन उस रात अपने घर में थीं, जब अचानक दरवाजा जोर-जोर से पीटने की आवाज़ आई। कुछ ही पलों में, लाठी-डंडों और सरियों से लैस करीब दो दर्जन से ज्यादा लोग उनके घर में घुस आए। इनमें रोनक पुत्र रियायत और उसके परिवार के कई लोग शामिल थे। उनके चेहरे पर गुस्सा और इरादे खतरनाक थे।
पीड़िता का आरोप है कि यह हमला कोई साधारण झगड़ा नहीं, बल्कि चुनावी रंजिश का नतीजा था। उनका बेटा तनवीर हाल ही में नगर पंचायत के चुनाव में दानिश पुत्र रोनक के खिलाफ खड़ा हुआ था और हार गया था। लेकिन हार जीत का बदला इस तरह लिया जाएगा, इसकी उन्हें भनक तक नहीं थी।
हमलावरों ने घर में घुसते ही तोड़फोड़ शुरू कर दी। खिड़कियों के शीशे चकनाचूर कर दिए गए, दीवारों पर डंडे बरसाए गए, और यहां तक कि घर में खड़ी सेंट्रो कार (नंबर UK/7/TMP2019/5841) को भी नहीं छोड़ा। जब महिलाओं ने रोकने की कोशिश की, तो उनके साथ बदसलूकी की गई, गालियां दी गईं और धमकियां दी गईं।
परिवार के लोग दहशत में चीखते रहे, मदद की गुहार लगाते रहे। आखिरकार, शोर सुनकर गांव के लोग जुटने लगे। यह देखकर हमलावर तेजी से भाग निकले, लेकिन जाते-जाते धमकी दे गए— “तुम्हें और तुम्हारे परिवार को मिटा देंगे!”
पीड़िता का कहना है कि रोनक और उसके समर्थक अब खुद अपनी दुकानों और घरों में तोड़फोड़ कर, उल्टा उन पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश रच रहे हैं। यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी उनके घर पर हमला हो चुका है, जिसकी शिकायत दर्ज कराई गई थी।
अब सवाल यह है— क्या पुलिस इन हमलावरों को जल्द पकड़ पाएगी? क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा? या फिर यह चुनावी रंजिश और भी खतरनाक मोड़ लेगी?
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन महमूदपुर गांव के लोग अब भी डरे हुए हैं। क्या अगला हमला किसी और के घर पर होगा?

