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5 Oct 2026, Mon

एसआईआर के बाद उत्तराखंड में अंतिम मतदाता सूची जारी, 71.58 लाख मतदाता शामिल

देहरादून:(जीशान मलिक) भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उत्तराखंड में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद शनिवार, 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया। अंतिम सूची में प्रदेश के कुल 71,58,949 मतदाता शामिल हैं। इनमें 34,21,036 महिला, 37,37,701 पुरुष और 212 थर्ड जेंडर मतदाता हैं।उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत 8 जून 2026 को हुई थी। अभियान शुरू होने के समय प्रदेश की मतदाता सूची में कुल 79,60,762 मतदाता दर्ज थे। गणना प्रपत्रों के वितरण एवं संकलन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें 71,33,785 मतदाता शामिल थे।

निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत 14 जुलाई से 13 अगस्त तक मतदाताओं को दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया। इसके बाद 13 अगस्त से 28 सितंबर तक प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण किया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की गई।अंतिम सूची के अनुसार प्रदेश में 1,29,872 नए मतदाताओं को शामिल किया गया है, जबकि 1,04,708 मतदाताओं के नाम नियमानुसार विलोपित किए गए हैं। प्रदेश में वर्तमान में कुल 12,543 मतदेय स्थल हैं।

अंतिम मतदाता सूची में 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 72,656 मतदाता शामिल हैं। वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,22,892 मतदाताओं के नाम भी सूची में दर्ज हैं।अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद भी ऐसे पात्र व्यक्ति, जिनका नाम किसी कारणवश सूची में शामिल नहीं हो सका है, वे फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ईसीआई नेट ऐप के माध्यम से ऑनलाइन तथा संबंधित बीएलओ के जरिए ऑफलाइन भी किया जा सकेगा। इसके लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे और बीएलओ को घर-घर जाकर पात्र मतदाताओं की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।अभियान के तहत बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का एसआईआर से पूर्व की मतदाता सूची से मिलान करेंगे। ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनके नाम पूर्व की सूची में दर्ज थे, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं। इसके बाद बीएलओ संबंधित मतदाताओं के घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त करेंगे और पात्र पाए जाने पर फॉर्म-6 भरवाने में सहायता करेंगे।

बीएलओ नए मतदाता, पहली बार मतदान करने वाले युवा तथा किसी कारणवश सूची में शामिल होने से वंचित पात्र लोगों को भी चिह्नित करेंगे। तैयार सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद ईआरओ स्तर से भी बूथवार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की जाएगी, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम शामिल कराने का अवसर मिल सके।इसके अलावा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। नाइट शेल्टर, श्रमिक बस्तियों, बेघर तथा समाज के हाशिए पर रहने वाले पात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।अंतिम मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग के मतदाता पोर्टल तथा उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर ऑनलाइन देखी जा सकती है। इसके अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) कार्यालय और संबंधित बीएलओ से भी मतदाता सूची प्राप्त की जा सकती है।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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