नई दिल्ली: (इसरान अली)पूरे हिंदुस्तान में आज चाँद का दीदार होते ही ईद-उल-फित्र मनाने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई। चाँद के दीदार की खबर आते ही मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई और मस्जिदों व घरों में “ईद मुबारक” की गूंज सुनाई देने लगी। सोशल मीडिया पर भी बधाइयों का तांता लग गया।
रमज़ान का पाक महीना हुआ मुकम्मल
रमज़ान के महीने में रोज़ा रखने, इबादत करने और नेकियों का सफर तय करने के बाद अब ईद की खुशियां हर तरफ बिखर चुकी हैं। रोज़ेदारों ने पूरे महीने खुदा की इबादत में समय बिताया और अब उनके सब्र का इनाम ईद के रूप में मिलने वाला है।
मस्जिदों और बाज़ारों में रौनक
ईद की घोषणा होते ही बाज़ारों में हलचल बढ़ गई। लोग नए कपड़े, मिठाइयाँ और सेवइयाँ खरीदने के लिए दुकानों पर उमड़ पड़े। मस्जिदों में ईद की नमाज़ की तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं लोग एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देने की तैयारियों में जुट गए हैं।
ईदी और सेवइयों का मीठा संगम
बच्चों के लिए ईद का सबसे बड़ा आकर्षण ‘ईदी’ होती है, जो उन्हें बड़े-बुजुर्गों से तोहफे के रूप में मिलती है। वहीं, घरों में खासतौर पर ‘शीरखुरमा’ और तरह-तरह की मिठाइयों का दौर चलेगा। ईद के दिन हर घर में मेहमानों का आना-जाना लगा रहेगा और भाईचारे का माहौल देखने को मिलेगा।
“ईद मुबारक!” – देशभर से शुभकामनाओं का सिलसिला जारी
ईद-उल-फितर का पर्व अमीर से लेकर गरीब हर कोई खुशी से मना सके इसके लिए इस्लाम में गरीबों को फितरा भी दिया जाता है. ईद-उल-फितर का त्योहार भाईचारे और अमन का पैगाम लाने वाला त्योहार है. ईद के कारण देश भर के बाजारों में खूब रौनक रहती है.
ईद-उल-फितर का महत्व:
ईद के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर नए कपड़े पहनते हैं, नमाज अदा करते हैं और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते हैं. इस दिन लोग सेवई और अन्य मीठे व्यंजन बनाते और खाते हैं. ईद-उल-फितर दान और दयालुता का भी त्योहार है. इस दिन, मुसलमान गरीबों और जरूरतमंदों को फितरा नामक दान देते हैं. यह अल्लाह के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके आशीर्वाद के लिए धन्यवाद देने का दिन है. ईद दोस्तों और परिवार के साथ मिलकर खुशियां मनाने और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने का दिन है।

