देहरादून:(जीशान मलिक) आयुर्वेदिक डॉक्टरों के चल रहे आंदोलन को अब भारतीय चिकित्सा परिषद, उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. जे एन नौटियाल का खुला समर्थन मिल गया है। डॉ. नौटियाल ने आयुर्वेदिक डॉक्टरों की लंबित मांगों के समाधान के लिए आयुष मंत्री मदन कौशिक को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आयुष सचिव रंजना राजगुरु को भी भेजी है।
मंगलवार को डॉ. जे एन नौटियाल ने राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, उत्तराखंड के स्टेट मीडिया कोर्डिनेटर डॉ. डी. सी. पसबोला को पत्र की प्रतिलिपि प्रदान करते हुए आयुर्वेदिक डॉक्टरों के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। डॉ. पसबोला ने बताया कि परिषद अध्यक्ष के समर्थन से आंदोलन को नया बल मिला है।
डॉ. जे एन नौटियाल लंबे समय से भारतीय चिकित्सा परिषद, उत्तराखंड के रजिस्ट्रार पद पर आयुर्वेद चिकित्सक की नियुक्ति के पुरजोर समर्थक रहे हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में रजिस्ट्रार पद पर आयुर्वेद संवर्ग से नियुक्ति, वेतन विसंगति दूर करना, पदोन्नति में तेजी, एनपीए और अन्य सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ के बैनर तले प्रदेश भर के आयुर्वेदिक डॉक्टर पिछले कई दिनों से अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। संघ का कहना है कि शासन-प्रशासन द्वारा लगातार अनदेखी के चलते आयुर्वेद संवर्ग में असंतोष बढ़ रहा है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें न मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का खुला समर्थन मिलने से आयुर्वेदिक डॉक्टरों का मनोबल बढ़ा है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि डॉ. नौटियाल खुद आयुर्वेद के जानकार हैं और वे समस्याओं को बेहतर समझते हैं। उनके पत्र से शासन पर दबाव बनेगा।

