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28 May 2026, Thu

उत्तराखंड बोर्ड का ‘परख’ मॉडल बना मिसाल, MP बोर्ड के अफसर देखने पहुंचे रामनगर

नैनीताल:(जीशान मलिक) मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 25-26 मई को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड बोर्ड के ‘परख सेल’ के कामकाज और ‘समग्र प्रगति पत्र’ की पायलटिंग का जायजा लिया और मॉडल की सराहना की।प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व MP बोर्ड की अपर सचिव डॉ. प्रियंका गोयल ने किया। उनके साथ परख समन्वयक आरती अठावले और एसएसए प्रमुख क्षमा दुबे शामिल रहीं।

दल ने परिषद के ‘परख सेल’ का भ्रमण कर नवीन परख टैक्सोनॉमी पर आधारित कार्यशाला और प्रश्न-पत्र निर्माण प्रक्रिया को समझा। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही ITMS सॉफ्टवेयर से प्रश्नपत्र विकसित किए जाएंगे।प्रतिनिधिमंडल ने एमपी इंटर कॉलेज, रामनगर जाकर 95 विद्यालयों में चल रही ‘समग्र प्रगति पत्र’ की पायलटिंग का धरातलीय अवलोकन किया। दल ने कक्षा 9 के छात्र-छात्राओं से बातचीत की और प्रगति पत्र में उनकी प्रविष्टियां देखीं। बच्चों के सटीक जवाबों पर MP दल ने सराहना की।

उत्तराखंड बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने कहा कि डॉ. इंद्राणी भादुरी के नेतृत्व में PARAKH द्वारा देश के सभी स्कूल बोर्ड्स की समतुल्यता पर सराहनीय काम हो रहा है। अलग-अलग बोर्ड्स की कार्यप्रणाली से विसंगतियां पैदा होती हैं, जो समरूपता से दूर होंगी। उन्होंने सभी बोर्ड्स से लगातार विचार साझा करने पर जोर दिया। MP प्रतिनिधिमंडल ने भी उत्तराखंड बोर्ड के कार्यों की प्रशंसा की।

इस अवसर पर संयुक्त सचिव सीपी रतूड़ी, उप सचिव सुषमा गौरव, परख समन्वयक शैलेंद्र जोशी, सोनम शर्मा, दरपान रौतेला, रामचंद्र पांडेय, नमिता पांडे, याचना उपाध्याय आदि मौजूद रहे।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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