
देहरादून: उत्तराखंड में होमगार्ड भर्ती 2026 की विज्ञप्ति पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर अनुसूचित जाति और महिला आरक्षण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
“क्या है पूरा मामला?
होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय देहरादून ने 28 अप्रैल 2026 को 920 पदों की भर्ती विज्ञप्ति जारी की थी। सांसद चंद्रशेखर ने 3 मई 2026 को CM को भेजे पत्र में कहा कि इस विज्ञप्ति में SC और महिला आरक्षण के संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी की गई है।
SC आरक्षण में गड़बड़ी
1. 19% की जगह 5% आरक्षण: नियमानुसार 920 पदों पर SC वर्ग को 19% यानी लगभग 175 पद मिलने चाहिए थे, लेकिन केवल 48 पद ही आवंटित किए गए हैं।
2. 10 जिलों में जीरो पद: अल्मोड़ा, बागेश्वर, चम्पावत, नैनीताल, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली में SC वर्ग के लिए एक भी पद निर्धारित नहीं किया गया है। सांसद ने इसे आरक्षण रोस्टर की पारदर्शिता पर सवाल बताया।
महिला आरक्षण भी कठघरे में पत्र के मुताबिक कुल 920 पदों में महिलाओं के लिए सिर्फ 15 पद आरक्षित किए गए हैं। सांसद ने कहा कि महिला आरक्षण क्षैतिज रूप से सभी वर्गों में लागू होना चाहिए, लेकिन इसे सीमित कर दिया गया है। इससे अधिकांश जिलों की महिला अभ्यर्थी वंचित हो रही हैं।
सांसद चंद्रशेखर आजाद ने CM धामी से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है:
1. भर्ती विज्ञप्ति की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2. SC वर्ग को 19% के अनुसार समुचित पद आवंटित किए जाएं।
3. महिला आरक्षण सभी वर्गों व जनपदों में क्षैतिज रूप से लागू हो।
4. आरक्षण रोस्टर सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
5. दोषी अधिकारियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई हो।
6. भविष्य में ऐसी गड़बड़ी रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी हों।
पत्र में कहा गया है कि यह स्थिति SC वर्ग और महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। यह समानता, न्याय और सामाजिक संतुलन के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध है। सांसद ने उम्मीद जताई कि धामी सरकार सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए शीघ्र कार्रवाई करेगी।

