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“नगीना सांसद चंद्रशेखर (रावण) हुए हाउस अरेस्ट, समर्थकों ने ईंट-पत्थर बरसाए तो पुलिस ने किया लाठीचार्ज”

प्रयागराज:(ज़ीशान मलिक)उत्तरप्रदेश क़े प्रयागराज मे भीम आर्मी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. प्रयागराज के करछना में चंद्रशेखर आजाद को रोके जाने पर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा किया. जमकर पत्थरबाजी की. उपद्रवियों ने मौके पर मौजूद कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की. पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई. बसों समेत प्राइवेट गाड़ियों को भी तोड़ा गया है.

आजाद को करछना के इटौसी गांव जाना था:-

एसडीएम करछना की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा है. करछना के भडेवरा बाजार में समर्थकों ने आम नागरिकों पर ईंट-पत्थर चलाए. इससे मची भगदड़ में कई लोग जख्मी भी हुए हैं. सूत्रों के मुताबिक भीम आर्मी के 17 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है. चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ को करछना के इटौसी गांव जाना था. इटौसी में कुछ दिन पहले दलित युवक की जलाकर हत्या कर दी गई थी, मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाया गया है. चंद्रशेखर आजाद कौशाम्बी जाते वक्त हाउस अरेस्ट किया गया. इसके बाद उनके कार्यकर्ताओं ने बवाल किया.

कौशांबी में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म:-

चंद्रशेखर का कहना है कि वह 27 मई को कौशांबी के जिस गांव में 8 साल की पाल समाज की बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म हुआ था. उसके परिजनों से मुलाकात करने जा रहे थे. इधर पुलिस का कहना है कि जिले में धारा 144 लगी है. ऐसे में चंद्रशेखर जिस लाव लश्कर के साथ उस गांव जा रहे थे. उससे कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती थी इसलिए उन्हें रोका गया. इस पूरे मामले में प्रतापगढ़ की एसआईटी जांच कर रही है, जिसकी मॉनिटरिंग खुद आईजी प्रयागराज कर रहे हैं.

कथित दुष्कर्म मामले को लेकर सियासत तेज:-

दरअसल, कौशांबी में पाल समाज की नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के बाद अब भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी रविवार को पीड़िता के परिवार से मिलने प्रयागराज पहुंचे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें कौशांबी जाने की अनुमति नहीं दी. कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें सर्किट हाउस भेज दिया गया. इस कार्रवाई के विरोध में चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ सर्किट हाउस परिसर में जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे.

‘अगर हम एक पीड़िता से नहीं मिलेंगे तो किससे मिलेंगे?:-

सांसद का कहना है कि सरकार के इशारे पर प्रशासन उन्हें पीड़िता से मिलने नहीं दे रहा है. प्रशासन की सख्ती को देखते हुए सर्किट हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस अधिकारी चंद्रशेखर को समझाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वो अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि अगर हम एक पीड़िता से नहीं मिल पाएंगे तो फिर किससे मिलेंगे.

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