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31 Aug 2026, Mon

हरिद्वार अर्द्धकुंभ में दिखेगी देवभूमि की दिव्य आस्था, देवडोलियों की भव्य शोभायात्रा और पावन स्नान की तैयारियां तेज

हरिद्वार:(चीफ एडिटर) हरिद्वार अर्द्धकुंभ-2027 में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और देव आस्था की भव्य झलक देखने को मिलेगी। देवडोलियों की दिव्य शोभायात्रा एवं पावन स्नान को लेकर रविवार को गढ़वाली धर्मशाला, गुजरांवाला भवन मार्ग, हरिद्वार में गढ़वाल महासभा एवं श्री देवभूमि लोक संस्कृति विरासतिया शोभा यात्रा समिति, ढालवाला, टिहरी गढ़वाल की संयुक्त बैठक आयोजित हुई।

बैठक में आगामी अर्द्धकुंभ के दौरान उत्तराखंड के विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतीक देवडोलियों, निशानों एवं विग्रहों की भव्य शोभायात्रा निकालने और पावन गंगा स्नान को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। समिति पदाधिकारियों ने बताया कि अर्द्धकुंभ के दौरान देवभूमि की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के सामने प्रस्तुत करने के उद्देश्य से व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।बैठक में प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 9 मार्च 2027 को धर्म ध्वज स्थापना महोत्सव,10 मार्च को ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट पर भव्य स्वागत, जबकि 14 मार्च को शोभायात्रा एवं गंगास्नान के साथ कार्यक्रम का हरिद्वार में समापन तथा 15 मार्च को पुनः भव्य शोभायात्रा, पावन स्नान एवं गरिमामय समापन किया जाएगा।

समिति की ओर से बताया गया कि देवडोलियों की यह परंपरा उत्तराखंड की धार्मिक एवं लोक सांस्कृतिक विरासत से गहराई से जुड़ी हुई है। पूर्व में भी कुंभ एवं अर्द्धकुंभ के अवसरों पर देवडोलियों की शोभायात्रा आयोजित होती रही है। वर्ष 2021 में कोरोना संक्रमण के कारण इस परंपरा का आयोजन प्रभावित हुआ था। अब अर्द्धकुंभ-2027 में देवडोलियों की भव्य यात्रा को प्रमुख आकर्षण बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।बैठक में कहा गया कि देवडोलियां केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि देवभूमि की सदियों पुरानी लोक संस्कृति, परंपरा और सनातन विरासत का जीवंत स्वरूप हैं। समिति ने उत्तराखंड के सभी ग्रामों, क्षेत्रों एवं जनपदों के सनातनी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शोभायात्रा एवं पावन स्नान में शामिल होकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।

समिति ने श्रद्धालुओं से निर्धारित प्रपत्र भरकर उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि देवडोलियों के पंजीकरण, यात्रा, आवास एवं भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं को समय से सुनिश्चित किया जा सके और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।बैठक में गिरीश प्रसाद थपलियाल, अध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल, कार्यकारी अध्यक्ष हरमणि व्यास, उपाध्यक्ष गजेन्द्र कंडियाल, भोपाल चौधरी, संजय शर्मा, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद नौटियाल, सचिव द्वारिका प्रसाद भट्ट, सह-सचिव आचार्य रमेश पैन्यूली, भगवान सिंह रांगड़, महेश व्यास, कोषाध्यक्ष हार्दिक नितिन सहित समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।

इसके अलावा सह-सचिव माधवानन्द रतूड़ी, गोविन्द सिंह बिष्ट, हरवंशी कुकशाल, भुवन चन्द्र पंत, संजय बहुगुणा, टीवी प्रभारी विशाल मणि पैन्यूली, सलाहकार डॉ. सम्पूर्णानन्द रतूड़ी समेत ऋषिकेश एवं हरिद्वार से गढ़वाल महासभा के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। इनमें संयोजक महंत अनिल गिरी, अध्यक्ष मुकेश जोशी, महामंत्री प्रमोद डोभाल, मंजू रावत, रीता चमोली, सुषमा रावत, प्रतिमा बहुगुणा, पंडित जसराम ढोंडियाल, प्रेम प्रकाश धस्माना, शाकंभर जोशी, डॉ. अनूप बहुखंडी, महंत आशुतोष गिरि, चंद्रकांत कोठारी, नागेंद्र पुरोहित, बलवंत सिंह, तारा नेगी, अनुज कोठियाल, रमेश रतूड़ी, महंत आदेश गिरी, सुंदरलाल, महंत आशीष पुरी, देवेंद्र दत्त शर्मा, सुनीता देवी बहुखंडी, लता पंत, आभा बैंथियल, सच्चिदानंद भट्ट, मुकेश कोठियाल एवं अंकुर रावत आदि शामिल रहे।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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