उखीमठ/रुदप्रयाग(मनन ढींगरा)बाबा केदार की पंचमुखी डोली सोमवार को श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से सेना के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के बाद श्री केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर गई। इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने वातावरण को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा आयोजित इस भव्य कपाटोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत डोली यात्रा की शुरुआत रविवार, 27 अप्रैल को श्री भैरवनाथ जी की विशेष पूजा-अर्चना से हुई। रावल भीमाशंकर लिंग और बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की उपस्थिति में सोमवार सुबह 10:30 बजे पंचमुखी डोली को सुसज्जित कर धाम के लिए रवाना किया गया।
डोली यात्रा मार्ग में उखीमठ, संसारी, विद्यापीठ, गुप्तकाशी बाजार सहित कई स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं स्कूली छात्रों ने फूल वर्षा कर भव्य स्वागत किया। डोली का पहला पड़ाव गुप्तकाशी स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर रहा, जहां रात्रि विश्राम किया गया।
डोली यात्रा का कार्यक्रम:
• 29 अप्रैल (मंगलवार): गुप्तकाशी से फाटा के लिए प्रस्थान, रात्रि विश्राम।
• 30 अप्रैल (बुधवार): फाटा से गौरीकुंड, रात्रि विश्राम।
• 1 मई (गुरुवार): गौरीकुंड से श्री केदारनाथ धाम प्रस्थान।
• 2 मई (शुक्रवार): प्रात: 7 बजे श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु कपाट खोल दिए जाएंगे।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि मंदिर समिति की ओर से धाम में सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। पेयजल, विद्युत, भोग मंडी की सफाई, दर्शन व्यवस्था, पूजा कार्यालय तथा पुजारियों एवं कर्मचारियों के निवास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
इस शुभ अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बीकेटीसी के दायित्वधारी चंडी प्रसाद भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण, प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण और यदुवीर पुष्पवान, मंदिर समिति के अधिकारी, पुजारिगण, हक-हकूकधारी, तीर्थ पुरोहित समाज एवं अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
भक्तों में उत्साह का वातावरण बना हुआ है और 2 मई को बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा, चिकित्सा और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी तैयारियां प्रशासन द्वारा पूरी कर ली गई हैं।

