पिरान कलियर:(भगवा सनातन टाइम्स संवाददाता)जब सूरज आग उगल रहा है और सड़कों पर सन्नाटा पसरा है, तब एक पत्रकार ने अपनी कलम के साथ करुणा का पैगाम भी दिया है। भगवा सनातन टाइम्स के पत्रकार ज़ीशान मलिक ने भीषण गर्मी में मानवता की मिसाल पेश करते हुए अपने कार्यालय और आवास के बाहर शरबत की छबील लगाई। शनिवार को सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस सेवा कार्य में सैकड़ों राहगीरों, रिक्शा चालकों, दिहाड़ी मजदूरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों ने ठंडा शरबत और कोल्ड ड्रिंक पीकर राहत महसूस की।
“गर्मी में जब घर से निकलना मुहाल, तब सड़क पर उतरी इंसानियत”
ज़ीशान मलिक ने अपने ऑफिस और घर के बाहर टेंट लगाकर छबील का इंतजाम किया। बर्फ से ठंडा किया हुआ रूहअफजा शरबत, और कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था की गई थी।सड़क से गुजरने वाले हर व्यक्ति को आवाज देकर रोका और बड़े अदब से शरबत पेश किया। अपने घर पर बच्चों को ठंडा कोलड्रिंक पिलाया।
“‘खबर छापना ही नहीं, दर्द बांटना भी पत्रकारिता है’ – ज़ीशान मलिक”
सेवा कार्य के दौरान ज़ीशान मलिक ने कहा, “हम पत्रकार समाज का आईना हैं। सिर्फ खबरें छाप देना काफी नहीं है। जब समाज तप रहा हो तो हमें सड़क पर उतरकर उसका दर्द भी बांटना चाहिए। आज अगर किसी रिक्शा चालक भाई के सूखे गले को तर कर पाया, किसी बच्चे के चेहरे पर मुस्कान ला पाया, तो यही मेरे लिए सबसे बड़ी खबर और सबसे बड़ा पुण्य है। मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।” 
“मलिक साहब ने बचा ली जान’ – राहगीरों की जुबानी”
छबील पर शरबत पी रहे ई-रिक्शा चालक शकील अहमद ने भावुक होकर कहा, “सुबह से सवारी ढूंढ रहा था। धूप में सिर चकरा गया था। मलिक साहब ने खुद बुलाकर शरबत पिलाया। लगा जैसे किसी ने नई जान दे दी।”ओर इसके साथ ही स्कूल से लौट रही 10 साल की आयशा ने बताया, “बहुत गर्मी लग रही थी। जीशान भइया ने ठंडा शरबत दिया। बहुत अच्छा लगा।”
स्थानीय दुकानदार रोशन कुमार बोले, “ज़ीशान भाई हमेशा समाज के लिए खड़े रहते हैं। आज उन्होंने साबित कर दिया कि पत्रकार सिर्फ सवाल नहीं पूछता, जवाब भी बनता है।”

