चारधाम यात्रा की तैयारियों में जुटी उत्तराखंड सरकार, वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
ऋषिकेश, मनन ढींगरा
4 अप्रैल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि तीर्थयात्रियों को सरल एवं सुगम दर्शन का अनुभव देने के साथ-साथ उन्हें मूलभूत सुविधाओं की कोई कमी न हो, इसके लिए सरकार हर स्तर पर कार्य कर रही है।
चारधाम यात्रा के तहत श्री बदरीनाथ धाम के कपाट 4 मई को, श्री केदारनाथ धाम के 2 मई को तथा श्री गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।
प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के निर्देश पर पर्यटन सचिव सचिन कुर्वे ने वरिष्ठ एवं अनुभवी आईएएस अधिकारियों को चारों धामों की यात्रा तैयारियों का स्थलीय आकलन करने हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
केदारनाथ धाम की तैयारियों की जिम्मेदारी युगल किशोर पंत को
सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत को केदारनाथ यात्रा की निगरानी का दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने देहरादून से ऋषिकेश, देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग होते हुए उखीमठ तक सड़क मार्ग से यात्रा की। इस दौरान उन्होंने पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, संचार, परिवहन, आवास, पार्किंग और पैदल मार्ग जैसी मूलभूत सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।
उन्होंने श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में केदारनाथ धाम की शीतकालीन गद्दी स्थल के दर्शन भी किए। इस दौरान बीकेटीसी के अधिकारियों, स्थानीय लोगों, हक-हकूकधारियों और श्री केदार सभा से वार्ता कर सुझाव सुने।
अन्य धामों के लिए भी नोडल अधिकारी नियुक्त
•यमुनोत्री धाम की तैयारियों की जिम्मेदारी आईएएस नीरज खैरवाल को दी गई है, जिन्होंने मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली का दौरा किया।
•श्री गंगोत्री धाम के लिए आईएएस बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम को
•श्री बदरीनाथ धाम के लिए आईएएस आर. राजेश कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, सभी अधिकारी सड़क मार्ग से यात्रा कर तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। 11 अप्रैल को पूर्वान्ह 11:30 बजे देहरादून में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रस्तावित बैठक में चारधाम यात्रा की तैयारियों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
चारधाम यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सरकार व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने में जुटी है।

