देहरादून:(जीशान मलिक) नैनीताल उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने प्रदेश के सभी सरकारी और अशासकीय स्कूलों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 9 और 11 में प्रवेश के दौरान यदि छात्र-छात्राओं का विषय चयन (Subject Combination) गलत पाया गया, तो उन्हें कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
परिषद के सचिव वी.पी.सीमल्टी द्वारा प्रदेश के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कई स्कूलों द्वारा दिशा-निर्देशों की अनदेखी की जा रही है। गलत विषय संयोजन के कारण न केवल बोर्ड को कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, बल्कि छात्रों के दो महत्वपूर्ण वर्ष भी खराब हो जाते हैं।
बोर्ड द्वारा जारी मुख्य निर्देश विषय परिवर्तन पर रोक छात्र बोर्ड परीक्षा (10वीं/12वीं) में केवल उन्हीं विषयों में बैठ सकेंगे, जो उन्होंने कक्षा 9 या 11 में पढ़े हैं। किसी भी स्थिति में बोर्ड परीक्षा वाले वर्ष में विषय बदलने की अनुमति नहीं होगी।विद्यालय केवल उन्हीं विषयों में प्रवेश दे सकेंगे, जिनकी उन्हें विभाग से विधिवत अनुमति प्राप्त है। बिना मान्यता वाले विषयों में प्रवेश देने पर स्कूल जिम्मेदार होंगे।समग्र शिक्षा के तहत व्यावसायिक विषय केवल उन्हीं चुनिंदा राजकीय स्कूलों में मान्य होंगे, जहाँ इनके लिए प्रशिक्षक (अनुदेशक) नियुक्त हैं। दूसरे बोर्ड से आकर सीधे कक्षा 10 या 12 में प्रवेश लेने वाले छात्रों को तभी अनुमति मिलेगी, जब संबंधित स्कूल के पास उन विषयों की मान्यता हो जो छात्र ने पिछली कक्षा में पढ़े थे।
उत्तराखंड बोर्ड ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जनपद के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों में इन नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। किसी भी प्रकार की दुविधा होने पर स्कूलों को परिषद कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

