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टिहरी विस्थापित कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर कूड़े का ढेर, जाम और बदबू से स्थानीय लोग परेशान

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BHEL एस्टेट के खाली प्लॉट पर कूड़ा एकत्रित करने को लेकर उठे सवाल, क्या भूमि इस्तेमाल के लिए BHEL से NOC ली गई?

हरिद्वार। टिहरी विस्थापित कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर स्थित BHEL एस्टेट के खाली प्लॉट पर कूड़ा एकत्रित किए जाने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलोनी के मुख्य प्रवेश मार्ग पर स्थित इस स्थान से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। ऐसे में कूड़े से भरे वाहनों की आवाजाही के कारण यातायात प्रभावित होने और जाम की स्थिति बनने की शिकायत सामने आई है। वहीं, आसपास के लोगों को कूड़े से उठने वाली दुर्गंध से भी परेशानी हो रही है।

स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि BHEL एस्टेट के खाली प्लॉट पर कूड़ा एकत्रित करने के लिए संबंधित विभाग से अनुमति या NOC ली गई है अथवा नहीं। फिलहाल इस संबंध में आधिकारिक अनुमति की जानकारी सामने नहीं आई है।

सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि यहां एकत्रित किया जा रहा कूड़ा रामधाम और कृपाल नगर क्षेत्र से आ रहा है। हालांकि, इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

दिवाली की सफाई के कारण बढ़ा कूड़ा: ठेकेदार फर्म के मैनेजर

इस मामले में शिवालिक नगर पालिका के डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों से संबंधित ठेकेदार फर्म के मैनेजर मनीष यादव ने बताया कि यहां कूड़ा केवल टिहरी विस्थापित कॉलोनी का एकत्रित किया जा रहा है, शिवालिक नगर का नहीं।

उन्होंने बताया कि दिवाली के दौरान घरों में साफ-सफाई होने के कारण कूड़े की मात्रा सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक हो गई है। इसी वजह से कूड़े को यहां एकत्रित कर ट्रांसफर किया जा रहा है और आगे सराय भेजा जा रहा है।

मैनेजर मनीष यादव ने यह भी कहा कि कूड़े के कारण आसपास फैल रही गंदगी की सफाई करवा दी जाएगी।

डोर-टू-डोर कूड़ा वाहनों पर भी उठे सवाल, चलते वाहनों में कूड़ा डालने को मजबूर लोग

शिवालिक नगर, रामधाम और कृपाल नगर जैसे क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों की कार्यप्रणाली को लेकर भी स्थानीय लोगों की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि कूड़ा संग्रहण करने वाले वाहन कई बार घरों के सामने पर्याप्त समय तक नहीं रुकते और लगातार चलते रहते हैं। ऐसे में लोगों को कूड़ा डालने के लिए वाहनों के पीछे भागना पड़ता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ स्थानों पर कूड़ा वाहन इतनी जल्दी आगे बढ़ जाते हैं कि लोगों को कूड़ा डालने के लिए जल्दबाजी करनी पड़ती है। इससे सड़क पर दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों के लिए ऐसी स्थिति जोखिमपूर्ण हो सकती है।

लोगों का कहना है कि कूड़ा संग्रहण वाहनों को निर्धारित स्थानों पर पर्याप्त समय तक रुकना चाहिए, ताकि लोग सुरक्षित तरीके से कूड़ा डाल सकें। वाहनों के लगातार चलते रहने और लोगों के पीछे दौड़ने की स्थिति से सड़क पर दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।

शिवालिक नगर, रामधाम और कृपाल नगर में कूड़ा प्रबंधन की समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवालिक नगर के साथ-साथ रामधाम और कृपाल नगर जैसे क्षेत्रों में भी कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को लेकर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कूड़ा वाहनों की तेज आवाजाही, पर्याप्त समय तक वाहन नहीं रुकने और कूड़ा डालने के लिए जल्दबाजी करने जैसी स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।

लोगों का सवाल है कि यदि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्था की गई है, तो वाहनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक क्षेत्र में व्यवस्थित तरीके से कूड़ा एकत्रित करना चाहिए। इससे लोगों को वाहनों के पीछे भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सड़क पर दुर्घटना की आशंका भी कम होगी।

कूड़ा वाहनों के सैनिटाइजेशन और निर्धारित मानकों पर भी सवाल

कूड़ा संग्रहण व्यवस्था के साथ-साथ वाहनों की साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि कूड़ा संग्रहण करने वाले वाहनों में पर्याप्त सैनिटाइजेशन व्यवस्था दिखाई नहीं देती और वाहनों की साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं है।

इसके अलावा, कूड़ा संग्रहण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों की स्थिति और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि कूड़ा संग्रहण करने वाले वाहनों की नियमित जांच होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वाहन निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित हों।

हालांकि, वाहनों के निर्धारित मानकों के उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में संबंधित विभाग द्वारा वाहनों की जांच, सैनिटाइजेशन व्यवस्था और कूड़ा संग्रहण प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा।

मुख्य प्रवेश द्वार पर कूड़ा जमा होने से बढ़ी परेशानी

टिहरी विस्थापित कॉलोनी का प्रवेश द्वार लोगों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है। ऐसे में यहां कूड़ा एकत्रित होने और वाहनों की आवाजाही से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायत सामने आई है।

स्थानीय लोगों के लिए दुर्गंध और गंदगी भी चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों का सवाल है कि यदि कूड़े को अस्थायी रूप से यहां एकत्रित किया जा रहा है, तो इसके लिए निर्धारित व्यवस्था क्या है और कितने समय तक कूड़ा इस स्थान पर रखा जाएगा?

कूड़े के वाहनों की आवाजाही और सड़क पर कूड़ा डालने के लिए लोगों को होने वाली जल्दबाजी के कारण स्थानीय लोगों ने यातायात व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।

BHEL और संबंधित विभाग से उठ रहे सवाल

BHEL एस्टेट के खाली प्लॉट पर कूड़ा एकत्रित किए जाने को लेकर अब यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि क्या संबंधित भूमि के इस्तेमाल के लिए BHEL से अनुमति या NOC प्राप्त की गई है। साथ ही, कूड़े के अस्थायी संग्रहण के लिए निर्धारित नियमों और साफ-सफाई की व्यवस्था की जानकारी भी सामने आनी चाहिए।

इसके अलावा, संबंधित विभाग से यह भी स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता है कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण वाहनों को निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित किया जा रहा है या नहीं, वाहनों का सैनिटाइजेशन किस प्रकार किया जाता है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था है।

फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

स्थानीय लोगों की परेशानी और व्यवस्था पर जवाब का इंतजार

टिहरी विस्थापित कॉलोनी के प्रवेश द्वार पर कूड़ा एकत्रित होने, वाहनों की आवाजाही, जाम और दुर्गंध के साथ-साथ डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर संबंधित विभाग का जवाब महत्वपूर्ण है।

स्थानीय लोगों की मांग है कि कूड़ा संग्रहण वाहनों को निर्धारित स्थानों पर पर्याप्त समय तक रोका जाए, वाहनों की साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए तथा सड़क पर दुर्घटना की आशंका को कम करने के लिए उचित व्यवस्था की जाए।

भगवा सनातन टाइम्स की नजर इस मामले पर बनी हुई है। स्थानीय लोगों की परेशानी, भूमि के इस्तेमाल की अनुमति, कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था और कूड़ा संग्रहण वाहनों के संचालन से जुड़े सवालों पर संबंधित विभागों का पक्ष सामने आने के बाद खबर को अपडेट किया जाएगा।

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