Prayagraj Mahakumbh 2025: 15 साल से लापता व्यक्ति की कुंभ का नाम सुनते ही लौटी याददाश्त, परिवार से हुआ मिलन
15 साल से लापता प्रकाश महतो को कुंभ का नाम सुनकर याद आया घर
प्रयागराज महाकुंभ 2025 की महिमा के कई चमत्कारी किस्से सुनने को मिल रहे हैं, लेकिन झारखंड के कोडरमा जिले में हुई यह घटना किसी चमत्कार से कम नहीं। 15 साल से लापता एक व्यक्ति की सिर्फ महाकुंभ का नाम सुनकर याददाश्त लौट आई और वह अपने परिवार तक पहुंच गए।
15 साल पहले घर से निकले, फिर नहीं लौटे
कोडरमा जिले के मरकच्चो थाना क्षेत्र के कादोडीह निवासी प्रकाश महतो 15 साल पहले कोलकाता नगर निगम में कार्यरत थे। उनकी मानसिक स्थिति पूरी तरह ठीक नहीं थी। 9 मई 2010 को वह कोलकाता जाने के लिए ट्रेन में बैठे, लेकिन रास्ते में ही लापता हो गए। परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन कई वर्षों की तलाश के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला।
होटल में काम कर रहे थे, परिवार को कोई खबर नहीं
15 साल बाद अचानक मरकच्चो थाना प्रभारी सौरभ शर्मा ने उनके परिवार को फोन कर बताया कि प्रकाश महतो मिल गए हैं। परिजन जब पश्चिम बंगाल के रानीगंज स्थित होटल पहुंचे, तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। होटल मालिक सुमित साव ने बताया कि 15 साल पहले सड़क पर घूमते हुए आंशिक रूप से विक्षिप्त हालत में प्रकाश महतो को उनके पिता ने अपने होटल में काम पर रख लिया था। प्रकाश महतो वफादारी और मेहनत के कारण होटल का हिस्सा बन चुके थे।
महाकुंभ जाने की चर्चा सुनकर लौट आई याददाश्त
होटल मालिक सुमित साव ने बताया कि प्रकाश महतो को होटल में ‘पहलवान’ नाम से बुलाया जाता था। कुछ दिन पहले परिवार के लोग महाकुंभ जाने की चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान सुमित ने प्रकाश को भी कुंभ जाने के लिए पूछा। इस पर प्रकाश ने कहा कि वह कुंभ जरूर जाएगा, क्योंकि उसका घर भी उसी रास्ते में है। यह सुनते ही होटल मालिक ने उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने अपना पूरा पता बता दिया। इसके बाद पुलिस से संपर्क किया गया और परिवार तक यह खबर पहुंची।
15 साल से सिर्फ तस्वीरों में देखा था पिता का चेहरा
शुक्रवार को मरकच्चो थाना परिसर में 52 वर्षीय प्रकाश महतो को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। यह भावुक पल देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें खुशी से नम हो गईं।
• उनकी पत्नी गीता देवी,
• बेटा सुजल (18 वर्ष),
• बेटी रानी (16 वर्ष)
अपने पिता से मिलकर फूट-फूटकर रोने लगे। जब प्रकाश महतो लापता हुए थे, तब सुजल सिर्फ 3 साल का और रानी महज 3 महीने की थी। वे सिर्फ तस्वीरों में ही अपने पिता को देख पाए थे।
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कर दिया था आवेदन
परिवार ने इतने साल तक इंतजार किया, लेकिन जब कोई खबर नहीं मिली, तो हाल ही में प्रकाश महतो का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन कर दिया था। कोलकाता नगर निगम से भी परिवार को पत्र मिला था, जिसमें 7 साल से अधिक लापता व्यक्ति को मृत मानने और उनके आश्रितों को नौकरी देने की बात कही गई थी।
अब महाकुंभ जरूर जाएंगे प्रकाश महतो
परिवार ने बताया कि होटल मालिक सुमित साव और उनके परिवार के सदस्य भावुक हो गए थे। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही महाकुंभ में गंगा स्नान के लिए प्रकाश महतो को लेकर जाएंगे।
प्रयागराज महाकुंभ 2025 की महिमा से जुड़ी यह घटना वाकई अद्भुत है। सिर्फ महाकुंभ का नाम सुनकर 15 साल से लापता व्यक्ति की याददाश्त लौट आई और वह अपने परिवार से फिर से मिल गए। यह घटना महाकुंभ की आध्यात्मिक शक्ति और इसकी पवित्रता का एक अनोखा उदाहरण है।

