हरिद्वार
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तराखण्ड नैनीताल के निर्देश और जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) हरिद्वार नरेन्द्र दत्त के आदेशानुसार विश्व मानवाधिकार दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार द्वारा जिला कारागार रोशनाबाद तथा राजकीय विशेष गृह, रोशनाबाद में कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में निरूद्ध बंदियों ने मानवाधिकार से संबंधित विभिन्न विषयों पर अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के अनुसार प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार सिमरनजीत कौर ने जिला कारागार के रेडियो स्टेशन के माध्यम से बंदियों को संवैधानिक अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि किसी सरकारी विभाग द्वारा किसी व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों का हनन होता है, तो उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर न्याय प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ही संवैधानिक अधिकारों का वास्तविक संरक्षक है।
लॉ इंटर्न मेहल पुण्डीर और अधिकार मित्र रूकेइया ने भी मानवाधिकार दिवस के महत्व पर जानकारी साझा की। कार्यक्रम में डिप्टी एलएडीसी रमन कुमार सैनी की उपस्थिति रही।
डॉ. अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि “कला अभिव्यक्ति का वह सशक्त माध्यम है जिसमें गागर में सागर भरा जा सकता है। बंदियों को अपनी प्रतिभा को पहचानते हुए इसका सदुपयोग करना चाहिए।”
असिस्टेंट एलएडीसी आदिल अली ने कारागार में स्थापित रेडियो के माध्यम से मानवाधिकार दिवस पर कविता प्रस्तुत की, जिसे बंदियों ने ध्यानपूर्वक सुना।
कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों में मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके भीतर छिपी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना रहा।

