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DFO हरिद्वार का बड़ा एक्शन: आरोपों पर नहीं, सबूतों पर होगा फैसला, अवैध कटान-खनन के आरोपों की जांच शुरू

हरिद्वार वन प्रभाग के अंतर्गत वन क्षेत्रों में कथित अवैध वृक्ष कटान, अवैध खनन, अवैध शिकार एवं अन्य अवैध गतिविधियों के संबंध में लगाए गए आरोपों पर वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। DFO (प्रभागीय वनाधिकारी) हरिद्वार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत, निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित जांच के आदेश जारी किए हैं।

वन विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार समाचार पत्रों के माध्यम से संज्ञान में आए आरोप जनहित एवं वन संरक्षण से जुड़े गंभीर विषय हैं। इसलिए प्रत्येक आरोप की अलग-अलग जांच की जाएगी, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और आवश्यक होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

जांच के दौरान संबंधित शिकायतकर्ता से संपर्क किया जाएगा, संबंधित वन क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण होगा, क्षेत्रीय वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों से तथ्य जुटाए जाएंगे तथा उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण किया जाएगा। यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि पाई जाती है तो उसका पूरा विवरण साक्ष्यों एवं छायाचित्रों सहित जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। वहीं यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं, तो उसके समर्थन में भी स्पष्ट तथ्य और अभिलेख प्रस्तुत किए जाएंगे।

वन विभाग ने संबंधित जांच अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि पत्र प्राप्ति की तिथि से सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच आख्या आवश्यक अभिलेखों एवं फोटोग्राफ सहित प्रस्तुत की जाए, ताकि समयबद्ध तरीके से निर्णय लिया जा सके।

इसी क्रम में शिकायतकर्ता आजाद अली को भी पत्र जारी कर 7 जुलाई 2026 (मंगलवार) को जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपने पास उपलब्ध सभी साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया है। विभाग का कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच सुनिश्चित की जाएगी।

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं साक्ष्य-आधारित होगी तथा प्रत्येक आरोप पर अलग-अलग टिप्पणी दर्ज कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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