चाकू रखने के आरोप में गिरफ्तार चारों युवक अदालत से बरी, न्यायालय ने पुलिस की बरामदगी को बताया संदिग्ध
सीजेएम हरिद्वार ने कहा— सभी चाकू एक जैसे, बरामदगी पूर्व-नियोजित लगती है
हरिद्वार,दिनांक 30 मई 2025, भगवा सनातन टाइम्स
26 मई 2025 को कोतवाली हरिद्वार पुलिस द्वारा आयुध अधिनियम की धारा 4/25 के अंतर्गत चाकू रखने के आरोप में गिरफ्तार किए गए चार युवकों—ओमप्रकाश, अभिषेक, दीपक और मोहित—को न्यायिक दण्डाधिकारी (CJM) अविनास श्रीवास्तव की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने क्रमशः मु.अ.सं. 369/2025 में ओमप्रकाश, 270/2025 में अभिषेक तथा 371/2025 में दीपक और मोहित को कथित रूप से अवैध चाकू रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अभियुक्तों को रिमाण्ड पर भेजे जाने हेतु प्रस्तुत किया गया, जहां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार के लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सिस्टम से नियुक्त डिप्टी काउन्सिल अधिवक्ता अरविन्द कुमार श्रीवास्तव ने उनकी ओर से पैरवी की।

अधिवक्ता श्रीवास्तव ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि अभियुक्त अभिषेक मेरठ से, जबकि दीपक और मोहित दिल्ली से गंगा स्नान हेतु आए थे। ओमप्रकाश हरिद्वार का स्थानीय निवासी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अभियुक्तों को बिना उचित सूचना के गिरफ्तार किया और उनके परिवारों को भी सूचित नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त, चारों अभियुक्तों का आपस में कोई पूर्व संबंध नहीं है और किसी का आपराधिक इतिहास भी नहीं है।
न्यायालय ने जब पुलिस द्वारा जब्त किए गए चाकुओं का निरीक्षण किया, तो पाया कि सभी चाकू एक जैसे, बिल्कुल नए और एक ही रंग-रूप व बनावट के हैं। इस आधार पर न्यायाधीश ने बरामदगी को संदिग्ध व पूर्व-नियोजित मानते हुए रिमाण्ड की मांग अस्वीकार कर दी और चारों अभियुक्तों को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया।
अदालत के इस निर्णय से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के अन्य अधिकारियों—सुधीर त्यागी (चीफ), रमन कुमार सैनी (डिप्टी), रजिया अख्तर (असिस्टेंट) तथा आदिल अली (असिस्टेंट)—ने संतोष व्यक्त किया और न्याय की जीत बताया।


