दिल्ली:(अजय नामदेव)जांच एजेंसियों ने यह खुलासा किया है कि आतंकी नेटवर्क से जुड़े कुछ संदिग्ध व्यक्ति उच्च शिक्षित हैं और डॉक्टर के रूप में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित अस्पतालों में सेवारत रह चुके हैं। इनमें अहमदाबाद, हैदराबाद, गुरुग्राम, सहारनपुर, लखनऊ, अनंतनाग और श्रीनगर जैसे शहरों से जुड़े नाम शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसियां इस नेटवर्क की गतिविधियों और संभावित संबंधों की गहन जांच कर रही हैं।
“कार धमाका सुसाइड कार बॉम्बिंग जैसा हमला नहीं था…
सूत्रों के अनुसार, कार ने किसी टारगेट को टक्कर नहीं मारी, न किसी बिल्डिंग में घुसी, यानी यह सुसाइड कार बॉम्बिंग जैसा हमला नहीं था। उमर विस्फोट में मारा जा चुका है। पुलिस ने उसकी मां का DNA सैंपल लिया है, ताकि धमाके के अवशेष में मिले शव के टुकड़ों की पहचान हो सके।
लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास सोमवार शाम करीब 6.52 बजे सफेद i20 कार में ब्लास्ट हुआ था। इसमें 12 लोगों की मौत हुई। सूत्रों का कहना है कि कार में विस्फोट सामाग्री वही थी, जो फरीदाबाद से जब्त की गई है। यह मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ा है, जो जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और यूपी में सक्रिय है।
“जैश सरगना मसूद अजहर की बहन के संपर्क में थी डॉ. शाहीन…
फरीदाबाद में जैश-ए-मोहम्मद के नए वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल में अब तक 8 आतंकी मिल चुके हैं। इनमें डॉ. शाहीन शाहिद समेत 6 डॉक्टर हैं। डॉ. शाहीन जैश सरगना मौलाना मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर के सीधे संपर्क में थी और आतंकी संगठन की महिला विंग जमात उल मोमिनात से जुड़ी थी।
इस विंग को सादिया ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने पति की मौत का बदला लेने के लिए अक्टूबर 2025 में बनाया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस डॉ. शाहीन को फरीदाबाद की अलफलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार करके श्रीनगर ले गई। वहीं उसकी कानूनन गिरफ्तारी हुई।
शाहीन ने इलाहाबाद मेडिकल कॉलेज से MBBS (1996-2001 बैच) और फार्मकोलॉजी में एमडी किया है। वह 2006 से 2013 तक सात साल कानपुर मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर रही। उसका चयन UPPSC के जरिए हुआ था।
इसके बाद अचानक गायब हो गई। कॉलेज के नोटिसों का जवाब नहीं देने के चलते 2021 में उसे बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद वह अलफलाह यूनिवर्सिटी में काम करने लगी और इसी दौरान डॉ. मुजम्मिल के संपर्क में आई थी।

