
हरिद्वार:(चीफ एडिटर) भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल) ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के व्यापक एवं दीर्घकालिक रखरखाव के लिए 50:50 हिस्सेदारी वाली संयुक्त उद्यम कंपनी गठित करने को लेकर संयुक्त उद्यम समझौता किया है। यह समझौता वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट की दीर्घकालिक परिचालन क्षमता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।समझौते पर बीएचईएल की ओर से कार्यपालक निदेशक (सीटीएम/सीएसएम/सीसी) श्यामला वेंकटरमन तथा टीआरएसएल की ओर से उप प्रबंध निदेशक अनिल कुमार अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बीएचईएल की निदेशक (औद्योगिक प्रणाली एवं उत्पाद) बानी वर्मा, निदेशक (इंजीनियरिंग, अनुसंधान एवं विकास) एस.एम. रामनाथन सहित दोनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


बीएचईएल-टीआरएसएल संघ को इससे पहले भारतीय रेलवे से 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट की आपूर्ति और 35 वर्षों तक उनके व्यापक रखरखाव का ऑर्डर प्राप्त हो चुका है। संयुक्त उद्यम कंपनी इसी दीर्घकालिक रखरखाव दायित्व को पूरा करने के लिए दोनों कंपनियों की तकनीकी विशेषज्ञता और संसाधनों का उपयोग करेगी।संयुक्त उद्यम के माध्यम से ट्रेनसेटों के पूरे 35 वर्षीय सेवाकाल के दौरान उनके रखरखाव, परिचालन तत्परता, सुरक्षा और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बीएचईएल का बिजली, परिवहन, रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में लंबे समय का इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण अनुभव है, जबकि टीआरएसएल रेल क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है।

दोनों कंपनियों की संयुक्त तकनीकी क्षमता से वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेटों के पूरे लाइफसाइकल के दौरान बेहतर रखरखाव व्यवस्था विकसित करने की उम्मीद है। यह समझौता देश में आधुनिक रेल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेटों की दीर्घकालिक सेवा क्षमता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

