हरिद्वार:(जीशान मलिक) विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विलेज डेवलपमेंट सोसाइटी ने विभावनी इंडिया के सहयोग से राजा महेंद्र प्रताप कृषि पीजी कॉलेज, नारसन में वृक्षारोपण एवं जन जागरण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में कॉलेज स्टाफ समेत 480 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान वीडीएस द्वारा 50 और कॉलेज द्वारा 100 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। लगभग 150 छात्रों ने पौधों को गोद लेकर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी ली।
““सबसे बड़ा युद्ध जल के लिए होगा”: राज बहादुर सैनी”
वीडीएस के निदेशक राज बहादुर सैनी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की पहल पर 1972 से 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। जलवायु परिवर्तन बढ़ने से इसका महत्व और बढ़ गया है, लेकिन हम इसे सिर्फ एक दिन का त्यौहार बनाकर छोड़ देते हैं। उन्होंने चेताया कि अगर पेड़ नहीं लगाए और जल नहीं बचाया तो सबसे बड़ा युद्ध जल के लिए होगा। प्लास्टिक का कम उपयोग और रीसाइक्लिंग जरूरी है। 
सैनी ने WHO के हवाले से बताया कि हीट वेव से सालाना 5.4 लाख, वायु प्रदूषण से 42 लाख और जंगल-शहरी आग से 1.54 लाख मौतें हो रही हैं। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के अनुसार, 2030 से 2050 तक जलवायु परिवर्तन से हर साल 1.45 करोड़ लोगों की जान जा सकती है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि परिवार में जितने सदस्य हैं, उतने पेड़ हर साल लगाएं।कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि आज गांव के अंतिम छोर पर बैठा व्यक्ति भी जलवायु परिवर्तन से पीड़ित है। किसान, व्यापारी, डॉक्टर, वैज्ञानिक सभी को पेड़ लगाने, वर्षा जल संरक्षित करने और प्लास्टिक कम इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना होगा। यही आज की सबसे बड़ी प्रतिज्ञा है।
““क्लाइमेट रेजिलिएंट फसलें उगाएं”: डॉ. जोगिंदर सिंह”
यूथ रेड क्रॉस सोसाइटी के डॉ. जोगिंदर सिंह ने किसानों को क्लाइमेट रेजिलिएंट फसलें उगाने के लिए प्रेरित करने को कहा। डॉ. अजय राठी और डॉ. प्रदीप कुमार ने चौड़े पत्ते वाले पेड़ लगाने और जल संरक्षण का आह्वान किया।
“सांस हो रही कम, पेड़ लगाओ हम” के लगे नारे”
कार्यक्रम के बाद छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर से हाईवे तक रैली निकाली। इस दौरान “सांस हो रही है कम, आओ मिलकर पेड़ लगाए हम”, “हरियाली का करो सम्मान, तभी बनेगा देश महान”, “पर्यावरण की रक्षा, जीवन की सुरक्षा” जैसे नारे लिखी तख्तियों के साथ छात्र चले। अंत में पर्यावरण दिवस पर संगोष्ठी भी हुई।
कार्यक्रम में वीडीएस से काजल सिंह, अनिरुद्ध कुमार, रवि कुमार, कोष अग्रवाल, भावना, तनु, शुभम कुमार आदि ने सहयोग किया।

