भगवानपुर:(जीशान मलिक)शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है और जब समाज अपनी प्रतिभाओं को सम्मानित करता है, तो विकास की गति और भी तेज हो जाती है। इसी सोच के साथ हर साल हो की तरह इस साल भी रहनुमा ए इंसानियत वेल्फेयर ट्रस्ट भगवानपुर की और से छात्र छात्रों को सम्मानित किया जाएगा।
रहनुमा-ए-इंसानियत वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा आगामी 5 जुलाई 2026 को भगवानपुर में एक विशाल प्रतिभा सम्मान समारोह’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस गौरवशाली उत्सव में तहसील क्षेत्र के उन होनहारों को मंच दिया जाएगा, जिन्होंने 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 70% से अधिक अंक अर्जित कर अपने क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है।
“प्रशासनिक अधिकारियों के हाथों मिलेगा सम्मान”
ट्रस्ट के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल्लाह नफीस ने बताया कि कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए जिला हरिद्वार के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। अधिकारियों के हाथों मिलने वाला यह सम्मान विद्यार्थियों के लिए न केवल एक पुरस्कार होगा, बल्कि उनके भविष्य के सपनों को सच करने के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन भी साबित होगा।
समारोह का विवरण:दिनांक 5 जुलाई 2026, रविवार,समय: सुबह 10:00 बजे से।स्थान:मून चिल्ड्रन एकेडमी, भगवानपुर (हरिद्वार)।
“पंजीकरण: सफलता की ओर पहला कदम”
ट्रस्ट के सचिव मौ. रिजवान और उपाध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल वाहिद ने संयुक्त रूप से बताया कि समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। छात्र-छात्राएं 30 मई 2026 तक अपना पंजीकरण अवश्य करा सकते हैं।
“आवश्यक दस्तावेज”
पंजीकरण के लिए विद्यार्थियों को अपना रिजल्ट कार्ड (अंक तालिका), आधार कार्ड की फोटो कॉपी ([Aadhaar Redacted]), नवीनतम फोटो और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।
ट्रस्ट की आयोजन समिति ने तहसील भगवानपुर के सभी अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें इस कार्यक्रम से ज़रूर जोड़ें। अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है।
प्रमुख संपर्क:मौलाना अब्दुल्लाह नफीस (9012520294), उपाध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल वाहिद (9758363663) सचिव मास्टर रिजवान 9897563470,कोषाध्यक्ष मौलाना मो. मुशर्रफ(9837904991), मुफ्ती सरफराज 9837429702, राव मो. इकबाल सिकरोड़ा (9719119128), उपसचिव मो. तोफीक रायपुर (9760324545) मो. सरफराज एडवोकेट (7505660727)
हमारा प्रयास है कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से कोई भी मेधावी छात्र छात्रा खुद को अकेला न समझे। यह सम्मान उनकी कड़ी मेहनत को समर्पित है।

