
देहरादून:(जीशान मलिक) जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की मासिक समीक्षा बैठक ली। बैठक में 15,540 राजस्व वाद लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।समीक्षा में पाया गया कि उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार न्यायालयों में धारा 166/167 के 82 वाद 3 से 5 वर्ष से लंबित हैं। धारा 229-बी के 841 और धारा 176 के 1,157 वाद भी निस्तारण के लिए लंबित हैं, जिनमें 179 वाद 3 से 5 साल पुराने हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पुराने वादों को प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाए। बिना ठोस कारण के कोई भी वाद लंबित रखा गया तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। निर्विवाद विरासतन के मामलों का युद्धस्तर पर निस्तारण करने को कहा।डीएम ने लंबित वादों और शासन व न्यायालय से संदर्भित मामलों की निगरानी के लिए सॉफ्टवेयर आधारित स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे प्रत्येक वाद की स्थिति, लंबित रहने का कारण और निस्तारण की समयसीमा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सके।
बैठक में एडीएम वित्त के.के. मिश्रा, एडीएम प्रशासन स्मृता परमार, नगर मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी सहित सभी एसडीएम मौजूद रहे।

