हरियाणा:(भगवा सनातन टाइम्स संवाददाता)पंचकूला हरियाणा के हिसार जिले से लेकर उत्तराखंड के देहरादून और फिर पंचकूला तक जीवन की दिशा बदलते हुए, 41 वर्षीय प्रवीण मित्तल लगातार आर्थिक असफलताओं से जूझते रहे। अंततः सोमवार को प्रवीण मित्तल और उनके पूरे परिवार की दुखद मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया।
पुलिस के अनुसार, पंचकूला के सेक्टर 27 में एक कार में सात लोग बेहोशी की हालत में मिले थे। इनमें से छह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रवीण मित्तल को अर्ध-बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई।
मृतकों में प्रवीण के पिता देशराज (70), मां बिमला (66), पत्नी रीना (38), बेटा हार्दिक (14), और जुड़वां बेटियां ध्रुविता व दिलीशा (11) शामिल हैं।
लगातार घाटे और करोड़ों का कर्ज:-
प्रवीण मित्तल ने पिछले दो दशकों में कबाड़ प्रोसेसिंग फैक्ट्री, टूर एंड ट्रैवल्स और टैक्सी सेवा जैसे कई व्यवसायों में हाथ आजमाया, लेकिन हर बार उन्हें घाटा ही हुआ। बताया जाता है कि उन्होंने करीब 12 से 15 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
2008 में बद्दी में कबाड़ फैक्ट्री शुरू करने के बाद उन्हें भारी नुकसान हुआ, जिसके चलते बैंक ने उनकी फैक्ट्री और अन्य संपत्तियां जब्त कर लीं। इसके बाद प्रवीण ने कई सालों तक अपने रिश्तेदारों से कोई संपर्क नहीं रखा।
देहरादून से वापसी और एक और असफल प्रयास:-
2014 में उन्होंने फिर से रिश्तेदारों से संपर्क करना शुरू किया और देहरादून में टूर एंड ट्रैवल्स का कारोबार शुरू किया, जो कुछ वर्षों में फिर बंद हो गया।
प्रवीण के रिश्तेदारों ने बताया कि हाल ही में उन्होंने पंचकूला के पास साकेत्री में एक किराए के मकान में परिवार समेत रहना शुरू किया था। मकान मालिक मनीष चौधरी के अनुसार, मित्तल परिवार ने लगभग एक महीने पहले ही उनका मकान किराए पर लिया था और सोमवार सुबह प्रवीण ने कॉल कर बताया था कि वह परिवार समेत छुट्टियों पर जा रहे हैं।
सामान्य लगने वाला परिवार, छिपा था गहरा दर्द:-
मकान मालिक के अनुसार, मित्तल परिवार पूरी तरह एक सामान्य परिवार की तरह व्यवहार करता था। बच्चे अच्छे और शालीन थे। कोई नहीं सोच सकता था कि वे इस तरह का कदम उठा लेंगे।
पुलिस की जांच जारी:-
पुलिस के अनुसार, कार से कई तरह की दवाइयां और सोडियम नाइट्रेट पाउडर बरामद हुआ है। सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा जांच के लिए भेजा गया है जिससे मौत का सटीक कारण पता चल सके।
प्रवीण ने आत्महत्या से पहले कथित तौर पर एक नोट लिखा था, जिसमें अपने ससुर राकेश गुप्ता को परेशान न करने की बात कही गई है। हालांकि, उनके संबंध गुप्ता से अच्छे नहीं थे।
ACP विक्रम नेहरा ने बताया कि बच्चे सेक्टर 28 के सरकारी स्कूल में पढ़ते थे और प्रवीण का भाई जितेंद्र मित्तल पंचकूला के राजीव कॉलोनी में रेडीमेड कपड़ों का कारोबार करता है।

