हरिद्वार:(चीफ एडिटर)हर साल की तरह इस बार भी गुरु नानक देव धर्म प्रचार समिति के अध्यक्ष सुब्बा सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में सिख समाज का एक जत्था दिनारपुर सिंह सभा गुरुद्वारे से होकर हरकी पैड़ी हरिद्वार में स्नान और मत्था टेकने के लिए रवाना हुआ। लेकिन थाना पथरी क्षेत्र के डांडी चौक पर पुलिस प्रशासन ने बैरिकेट लगाकर जत्थे को आगे जाने से रोक दिया।
इस दौरान सिख समाज और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक की स्थिति बन गई। माहौल बिगड़ता देख पुलिस प्रशासन ने एसडीएम हरिद्वार को मौके पर बुलाया। एसडीएम ने सिख समाज के प्रतिनिधियों से बातचीत की और उनकी मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही जिलाधिकारी हरिद्वार के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाएगा, जिसके बाद सिख समाज के लोग शांतिपूर्वक अपने घर लौट गए।
ज्ञापन में सिख समाज ने कहा कि गुरु नानक देव जी हरिद्वार हर की पैड़ी पर आए थे, जहां उन्होंने अज्ञान को दूर करने के लिए लोगों को ज्ञान का उपदेश दिया था। इसलिए यह स्थान सिख समाज के लिए ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 1978 में नगर निगम हरिद्वार ने सौंदर्यकरण के लिए इस स्थान का अधिग्रहण किया था।
सिख समाज का कहना है कि बाकी अधिग्रहीत स्थानों को उनके स्वामियों को वापस सौंप दिया गया, लेकिन 1984 की घटनाओं के बाद गुरु नानक नाम लेवा संगत को यह ऐतिहासिक स्थान वापस नहीं मिला। इसके बजाय यह भूमि भारत स्काउट एंड गाइड को कार्यालय हेतु दे दी गई, जबकि निगम अभिलेखों में यह स्थान गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब का मूल स्थान दर्शाया गया है।
सिख समाज का कहना है कि “जैसे श्री राम जन्मभूमि का दूसरा स्थान अस्वीकार्य है, वैसे ही गुरु नानक नाम लेवा संगत को भी कोई दूसरा स्थान स्वीकार नहीं।” उन्होंने कहा कि हर वर्ष पुलिस प्रशासन संगत को हर की पैड़ी जाने से रोक देता है, जिससे समाज में भारी नाराज़गी है।
मौके पर समिति के अध्यक्ष सुब्बा सिंह ढिल्लों, गुरमेल बाजवा, भारतीय किसान यूनियन गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी और उनकी टीम सहित सैकड़ों की संख्या में सिख समाज और भाकियू सदस्य उपस्थित रहे।
एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर मामले का समाधान निकाला जाएगा, जिसके बाद जत्था शांतिपूर्वक वापस लौट गया।

