
देहरादून:(जीशान मलिक) डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जयंती और अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस के अवसर पर शनिवार को श्रीनगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाजिश कलीम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा और कानूनी जागरूकता ही सशक्त समाज के निर्माण का आधार हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन के लिए समाज के हर वर्ग तक शिक्षा, स्वास्थ्य, समान अवसर और न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि पैसे के अभाव में कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।शिविर में रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने निःशुल्क विधिक सहायता लेने की प्रक्रिया और पात्रता के बारे में बताया।
वहीं एसएसआई पंकज कुमार तिवारी और उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार ने छात्रों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और बैंकिंग जानकारी साझा करने से होने वाले खतरों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इंटरनेट का उपयोग बेहद सतर्कता के साथ करना चाहिए और ठगी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश मैठाणी, अधिकार मित्र पूनम हटवाल, प्रियंका रॉय सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

