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5 Jun 2026, Fri

विधिक शिक्षक पर कानून का उल्लंघन करने का आरोप

न्यायालय के सख़्त आदेश के बावजूद सात दिन लगे मुकदमा दर्ज होने में

हरिद्वार:(चीफ एडिटर) ज्वालापुर स्थित पण्डित पूर्णानन्द तिवारी लॉ कॉलेज में चल रहे कथित शिक्षा घोटाले में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। इस मामले में अनेकों पीड़ित छात्रो में से एक पीड़ित छात्र समीर पुत्र इशरत अली की शिकायत पर कोतवाली ज्वालापुर द्वारा मुक़दमा दर्ज ना करने के कारण पीड़ित छात्र समीर ने अधिवक्ता के माध्यम से 175(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत न्यायालय के समक्ष प्रार्थना प्रस्तुत किया जिस पर न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए प्रार्थना पत्र दर्ज कर कोतवाली ज्वालापुर को आख्या प्रेषित करने के आदेश दिए थे हालाँकि पुलिस आख्या में स्पष्ट किया गया कि प्रथम दृष्टिया छात्रो की लापरवाही के कारण छात्रो का परीक्षा फॉर्म निरस्त होना पाया गया है जिसमें छात्र समीर भी सम्मलित है समीर द्वारा दी गई सेमेस्टर फीस 34000/- रुपये कॉलेज के बैंक खाते में जमा करनी की पुष्टि हुई है शेष धनराशि देनी की पुष्टि नहीं हुई है।

इसी क्रम में पीड़ित छात्र समीर के अधिवक्ता ने 175(3) प्रार्थना पत्र के ठोस तथ्यों को न्यायालय के समक्ष मजबूती से तथा साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत किए। न्यायालय ने प्रार्थना पत्र का अवलोकन कर व साक्ष्यों के आधार पर मामले की गंभीरता को संज्ञान लेते हुए पीड़ित छात्र समीर का 175(3) प्रार्थना पत्र स्वीकार कर कोतवाली ज्वालापुर के प्रभारी को मुकदमा दर्ज कर व जांच कर आख्या न्यायालय को विधि अनुरूप प्रस्तुत करने के आदेश पारित किए इसके अलावा यह भी आदेश किया कि इस आदेश की एक प्रतिलिपि मय प्रार्थना पत्र अंतर्गत धारा 175(3) की प्रतिलिपि एवं अन्य सुसंगत दस्तावेज संबंधित थाने के भारसाधक अधिकारी को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु अविलम्ब प्रेषित की जाये लेकिन कोतवाली ज्वालापुर को न्यायालय का आदेश का पालन करने में लगभग सात दिन लगे कोतवाली ज्वालापुर ने दिनांक 28-04-2026 रात्रि 11:15 बजे मुकदमा संख्या 355/2026 अंतर्गत धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता के तहत उक्त लॉ कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक तिवारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया।

गौरतलब है की पीड़ित छात्र समीर ने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य अशोक तिवारी ने पीड़ित छात्र के साथ धोखाधड़ी व विश्वासघात किया जिस कारण पीड़ित छात्र का एक वर्ष बर्बाद हुआ व धनराशि 93,500 रूपये का आर्थिक नुकसान हुआ है तथा पीड़ित छात्र से फीस के नाम पर ली गयी धनराशि घोखाधड़ी कर हड़प ली गयी है और पीड़ित छात्र के कई बार मांगने के बावजूद भी वापिस नहीं की जा रही है। सूत्रो के अनुसार जानकारी मिली है कि उक्त लॉ कॉलेज के अनेकों छात्र पीड़ित है लेकिन उनके द्वारा कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई कई छात्रो का कहना है पीड़ित छात्र समीर की तरह हम भी हिम्मत कर पूर्णानंद तिवारी लॉ कॉलेज के प्रधानाचार्य के विरुद्ध शिकायत दर्ज करायेंगे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी छात्रो के साथ अभद्रता व दुर्व्यहार करने तथा परीक्षा फॉर्म के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेने और परीक्षा फॉर्म निरस्त करने के आरोप प्रधानाचार्य अशोक तिवारी पर लगे है। पीड़ित छात्रो का कहना है कि हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी व उत्तराखंड शिक्षा विभाग को मामले का संज्ञान लेते हुए कॉलेज प्रशासन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जिससे किसी भी छात्र का समय ख़राब ना हो व आर्थिक हानि ना हो।

यह भी कहना है की विधिक शिक्षा देने वाले कॉलेज के प्रधानाचार्य कानून के नियमों का उल्लंघन व आपराध करंगे तो समाज पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। फिलहाल कोतवाली ज्वालापुर थाना प्रभारी ने मुकदमे की जांच जांच अधिकारी समीप पांडे को सौपी है।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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