रुड़की:(ज़ीशान मलिक) रूड़की में पिछले कई दिनों से चल रहे विवाद ने आखिरकार नया मोड़ ले लिया है। नगर निगम बोर्ड की बैठक में पत्रकारों के साथ अभद्रता करने वाले भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा, जो अब तक इस विवाद पर चुप्पी साधे हुए थे, आखिरकार बैकफुट पर आ गए।
बीते 3 मार्च, जब रुड़की नगर निगम की बोर्ड बैठक में कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों के साथ विधायक बत्रा का अपमानजनक रवैया सामने आया, तो मानो पूरे पत्रकार समुदाय में आक्रोश की लहर दौड़ पड़ी। नाराज पत्रकारों ने कड़ा फैसला लेते हुए विधायक की कोई भी खबर कवरेज न करने की घोषणा कर दी। यही नहीं, पूरे जिले में बत्रा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए, उनका पुतला तक जलाया गया। लेकिन विधायक अपनी जिद पर अड़े रहे।
हालात तब और बिगड़ गए जब पत्रकारों का गुस्सा सिर्फ विधायक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नगर निगम की महापौर अनीता अग्रवाल और उनके पति ललित मोहन अग्रवाल भी इसके चपेट में आ गए। आखिरकार, दबाव बढ़ता देख महापौर ने पत्रकारों के बीच जाकर अपनी गलती स्वीकारते हुए माफी मांग ली। लेकिन विधायक प्रदीप बत्रा? वह अब भी चुप थे।
आखिरकार, जब विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा था और बत्रा का मीडिया बहिष्कार भारी पड़ने लगा, तो उन्हें पीछे हटना ही पड़ा। आज, विधायक प्रदीप बत्रा खुद रुड़की प्रेस क्लब पहुंचे। वह उन पत्रकारों से मिले, जिनसे कुछ दिन पहले उन्होंने दुर्व्यवहार किया था। उनकी आवाज़ में झिझक थी, चेहरे पर संकोच। उन्होंने अपनी गलती कबूल की, माफी मांगी और यहां तक कह डाला कि पत्रकार उनके लिए परिवार की तरह हैं।
अब सवाल ये है कि क्या पत्रकार इस माफी को स्वीकार करेंगे? क्या यह माफी दिल से मांगी गई थी या सिर्फ विरोध को शांत करने की रणनीति थी? ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन एक बात तय है—रुड़की की राजनीति में यह विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है!

