देहरादून:(अंशुल बसनेत)पिथौरागढ़ की 7 वर्षीय मासूम कशिश के साथ हुए जघन्य अपराध और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी की रिहाई के विरोध में शनिवार को युवा सेना (शिवसेना) और हिन्दू रक्षा दल ने देहरादून में संयुक्त बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता युवा सेना प्रदेश अध्यक्ष सागर रघुवंशी एवं हिन्दू रक्षा दल प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने की।
बैठक में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की माँग की।
युवा सेना (शिवसेना) प्रदेश अध्यक्ष सागर रघुवंशी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड मानव तस्करी और नशाखोरी की चपेट में है, लेकिन पुलिस और खुफिया विभाग गिरोहों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते एक माह में प्रदेश से 60 से 70 बच्चियों के लापता होने की शिकायतें दर्ज हुईं, मगर अब तक पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँची है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मानव तस्करी और नशाखोरी पर तत्काल अंकुश नहीं लगाया गया, तो युवा सेना (शिवसेना) और प्रदेश के युवा सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
महानगर अध्यक्ष मंजीत भट्ट ने कहा कि यह अपराध केवल एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे समाज का कलंक है। यदि ऐसे मामलों में दोषियों को सजा नहीं मिलती तो जनता का कानून पर से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से नाबालिगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की माँग की।
महानगर उपाध्यक्ष सुमित चौधरी ने कहा कि इस अमानवीय कृत्य ने समाज को झकझोर दिया है। अपराधियों को किसी भी प्रकार की राहत देना न्याय व्यवस्था के साथ विश्वासघात है। उन्होंने नाबालिग सुरक्षा कानूनों को और कड़ा बनाने की मांग की।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि राज्य सरकार और संबंधित विभागों ने तत्काल ठोस कदम नहीं उठाए, तो युवा सेना (शिवसेना) और हिन्दू रक्षा दल संयुक्त रूप से राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ेंगे।
बैठक में उपस्थित महानगर सचिव मनोज रावत, सतपाल सिंह, अनील कुमार, दयानंद, अक्षय चौधरी, राजीव कुमार, गुरमीत, संदीप त्यागी समेत सैकड़ों युवा सैनिक और हिन्दू रक्षा दल कार्यकर्ता बैठक में मौजूद रहे।

