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7 Jun 2026, Sun

दरगाह शाह मंसूर का सालाना उर्स शुरू, दरगाह पर जंगल का राजा शेर भी आता है देने हाजरी

हरिद्वार:(जीशान मलिक) थाना बुग्गावाला क्षेत्र में घने जंगल के बीच में स्थित है एक ऐसी दरगाह जिसकी रखवाली करने आता है जंगल का राजा शेर।एक हजार वर्ष पुरानी दरगाह शाह मंसूर का रवि उल अव्वल पर लगने वाला सालाना उर्स शुक्रवार को धूमधाम से शुरू हो गया है। उर्स के चलते बड़ी तादात में जायरीनों ने दरगाह पर पहुंचकर चादर और फूल पेश कर खिराज-ए- अकीदत पेश की है।

रबी उल अव्वल का माह बड़ा बरकतों और रहमतों वाला महीना होता है। आधा दर्जन से अधिक दरगाहों के सालाना उर्स इस माह में लगते हैं। लेकिन दरगाह शाह मंसूर और दरगाह साबिर पाक इनमें बड़ी प्रसिद्ध है। आपको बता दे कि शाह मंसूर की दरगाह रुड़की मुख्यालय से लगभग 30 किमी दूर थाना बुग्गावाला क्षेत्र में पड़ती है। रबी उल अव्वल की पांच, छह, सात तारीख को यहां पर उर्स लगता है। यह दरगाह लगभग एक हजार वर्ष पुरानी है।

रवायत है कि जंगल के राजा शेर भी यहां हाजिरी देने आते हैं। इस कारण ही इस दरगाह का नाम शाह मनशेर यानी शाह मंसूर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आज तक न कोई पक्की सड़क बनी और न ही कोई लोगों के लिए सरकार की तरफ से कोई परिवहन मुहैया हो पाया। आज यहां पर दरगाह के नाम पर ही एक गांव बस गया है।उर्स में यहां जायरीनों की बड़ी भीड़ उमड़ती है। दरगाह की रस्में चादर पोशी, फूलपोशी, महफिले मिलाद, कुलशरीफ और गुशल शरीफ अदा होती है। यहां मुर्गे की ही नियाज चढ़ती है। दो रोटी और दो बोटी नियाज यहां चढ़ाई जाती है। इससे जायरीनों की मिन्नतें पूरी होती हैं।

आपको बताते चले कि इस दरगाह में एक ऐसा तेल का घड़ा(कुआं) है जिसमें से कभी सरसों का तेल खत्म नहीं होता। खुदा की तरफ से ही इस घड़े में तेल आता है।इतना ही नहीं इस दरगाह का कभी चराग़ बुझाता नहीं है दिन हो या रात हमेशा ये चराग़ रौशन ही रहता है।

इस करामात को देखने दूर दराज लोग इस दरगाह पर पहुंचते है। वहां के निवासी बताते हैं जुमेरात को यहां पर जंगल का राजा शेर भी हाजरी लगाने सरकार की बारगाह में आता है।

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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