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20 Apr 2026, Mon

दधीचि देहदान समिति का द्वितीय वार्षिक उत्सव उत्साह एवं गरिमा के साथ संपन्न 

हरिद्वार:(भगवा सनातन टाइम्स संवाददाता)हरिद्वार की प्रतिष्ठित संस्था दधीचि देहदान समिति का द्वितीय वार्षिक उत्सव आज अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं आध्यात्मिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन जीवन के बाद भी सेवा के पथ पर चलने की प्रेरणा देने वाला, सामाजिक जागरूकता का एक अनुपम उदाहरण बना।

कार्यक्रम अध्यक्ष का संबोधन-

कार्यक्रम की अध्यक्षता अवधूत मंडल, हरिद्वार के महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने की। उन्होंने समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा:

“मृत्यु उपरांत देहदान, अंगदान, नेत्रदान जैसे सेवा कार्य वर्तमान समय में अत्यंत दुर्लभ हैं। दधीचि समिति जिस समर्पण भाव से इस कार्य को कर रही है, वह अनुकरणीय है।”

उन्होंने सभी संकल्पित व्यक्तियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि इसके लिए अत्यंत विशाल हृदय चाहिए और यह कार्य वास्तव में “तेरा तुझको अर्पण” की भावना को चरितार्थ करता है।

प्रमुख वक्ता:डॉ. शैलेन्द्र (प्रांत प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ)

“संकल्प करना सरल है, परंतु उसे निभाना कठिन। जब परिवार दुख की गहराई में डूबा हो, उस समय नेत्रदान, अंगदान या देहदान का निर्णय लेना अत्यंत साहसिक होता है। समिति ने करुणा और समर्पण से इसे संभव बनाया है।”

उन्होंने समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे अधिक लोग इस पवित्र कार्य में सहभागी बन सकें।

चिकित्सा दृष्टिकोण से विचार-

एम्स ऋषिकेश से पधारे वरिष्ठ ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. कर्मवीर सिंह ने कहा “अंगदान केवल ब्रेन डेड अवस्था में संभव होता है। अंग प्रत्यारोपण अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया है, लेकिन आज आवश्यकता के अनुपात में दानदाताओं की संख्या बहुत कम है।”

उन्होंने गलत खानपान, पैक्ड फूड, और जीवनशैली की समस्याओं को अंग विफलता का मूल कारण बताया और जीवनशैली सुधार व प्रिवेंटिव केयर पर जोर दिया।

चिकित्सा शिक्षा के लिए देहदान का महत्व-राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार के प्राचार्य प्रो. रंगील सिंह रैना ने बताया “मृत शरीर को ‘साइलेंट टीचर’ माना जाता है। ये देह मेडिकल छात्रों को जीवन रक्षक शिक्षा देते हैं। ऐसे शिक्षक को श्रद्धा के साथ स्वीकार किया जाता है।”

प्रेरणास्रोत उदाहरण-

समिति ने ऐसे कई परिवारों को सम्मानित किया जिन्होंने असाधारण परिस्थितियों में दान का निर्णय लेकर समाज को नई दिशा दी:

विवेक खन्ना ने अपने 14 वर्षीय पुत्र ज्योतिरादित्य खन्ना के सभी 6 अंग संबंध दान कर पूरे देश में महत्वपूर्ण प्रेरणास्रोत संदेश दिया। रमेश चंद्र जैन अपने पिता का देहदान कर क्षेत्र को दिशा दी,

‘राम मेहर’ कश्यप दंपती – ढाई दिन की नवजात पुत्री का देहदान किया।दीपक क्वात्रा माता सुदर्शन क्वात्रा जी का नेत्रदान कराया।

स्वामी रामानंद सरस्वती की अंतिम इच्छा पूर्ण करने हेतु मंदिर समिति की भूमिका।

दीपेश प्रसाद व पिंकी प्रसाद – 14 वर्षीय सुपुत्री ‘अभिप्रेरिता’ का नेत्रदान कठिन समय में।

इन सभी महानुभावों को समिति द्वारा सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। समस्त उपस्थितजनों ने खड़े होकर तालियों से इन परिजनों को सम्मानित किया।

समिति की ओर से आभार-

कार्यक्रम के समापन पर समिति के सचिव भावेश पटेल ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, संकल्पितों एवं सेवाकार्य में सहयोग करने वाले सभी सदस्यों का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम संचालन में योगदान देने वाली प्रमुख देहदान संकल्पित सदस्या रेखा सिंघल एवं देहदान संकल्पित सदस्य सुभाष चाँदना।

समिती के संरक्षक रमेश जैन, रोहिताश ककुंव,संजीव गुप्ता समिती कार्यकारणी सदस्य: सुभाष चाँदना, राजीव महेश्वरी,प्रवीण,सुश्री मंजू बालियान,राधेश्याम तिवारी, मनोज शुक्ला, सुभाष सरस्वत, सुभाष हंस सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।

कुछ विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति भी विशेष उल्लेखनीय रही विधायक आदेश चौहान नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा गुरुकुल यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर पुरोहित,प्रोफेसर महेंद्र असवाल, प्रोफेसर उत्तम शर्मा, ऋषि स्कूल से डॉक्टर वेद भूषण डॉक्टर शशिकांत, अविनाश सनाढया,आर्य समाज प्रमुख महेन्द्र आहूजा, पुण्यदायी संस्था से रविंद्र गोयल, वृंदावन बिहारी, प्रसिद्ध फर्नीचर उद्योगपति विजय सेठ, देशराज नगर पालिका सभासद,अरविंद अवस्थी, पंकज चौहान, चंद्रभान एवं अमरदीप सिंह रोबिन

संकल्प हेतु:

यदि कोई व्यक्ति नेत्रदान, अंगदान या देहदान का संकल्प लेना चाहता है, तो दधीचि देहदान समिति के निम्न संपर्क नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है:9410326582, 9410395622, 9411111675

By zeeshan

Zeeshan डिजिटल मीडिया से जुड़े युवा पत्रकार हैं। वे Bhagwasanatantimes.com के साथ कार्यरत हैं और राजनीति, समाज, धर्म और समसामयिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं। डिजिटल पत्रकारिता में उनकी गहरी रुचि है, और वे निष्पक्ष और तथ्यात्मक खबरों के लिए जाने जाते हैं।

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